बेलगावी में RSS का महामंथन: क्या है प्रांत प्रचारक सभा का महत्व और क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें?
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक सभा कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हो चुकी है। तीन दिन तक चलने वाली इस उच्च-स्तरीय बैठक में संघ की भविष्य की दिशा और नीति तय की जा रही है।

क्या होता है इस बैठक में? प्रांत प्रचारक सभा संघ का सर्वोच्च निर्णायक मंच है। यहां लिए गए फैसले संघ की आगामी नीतियों और कार्यक्रमों के आधार बनते हैं। इस बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले समेत संघ के शीर्ष पदाधिकारी, क्षेत्र प्रचारक और सभी 46 प्रांतों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं।

32 संगठनों का जमावड़ा इस बैठक की अहमियत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि इसमें विश्व हिंदू परिषद (VHP), एबीवीपी और बीजेपी सहित संघ से जुड़े 32 विभिन्न वैचारिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होते हैं। यह मंच देश के प्रमुख विषयों और संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा का केंद्र है।

शताब्दी वर्ष और भविष्य की कार्ययोजना बैठक के केंद्र में संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) के कार्यक्रम हैं। पहले दिन के सत्र में शाखाओं की संख्या बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने पर चर्चा हुई। संघ ने स्पष्ट किया है कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम 20 अक्टूबर, 2026 तक जारी रहेंगे। अगले सत्रों में सरसंघचालक मोहन भागवत के आगामी दौरों और सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।

अयोध्या प्रकरण और संघ की नजरें इस बार की बैठक दक्षिण भारत में होने के साथ-साथ एक संवेदनशील मुद्दे के कारण भी चर्चा में है। राम मंदिर ट्रस्ट के दो पदाधिकारियों के इस्तीफे और चढ़ावे में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों के बाद यह पहली बड़ी बैठक है।

हालांकि, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले पहले ही इस पर दुख जताते हुए दोषियों को कठोर दंड देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस उच्च-स्तरीय मंथन में इस मुद्दे पर कोई औपचारिक चर्चा या कठोर स्टैंड लिया जाएगा, या मामला पहले दिए गए बयानों तक ही सीमित रहेगा।

संघ की कार्यप्रणाली RSS समय-समय पर विभिन्न स्तरों पर बैठकें आयोजित करता है, लेकिन प्रांत प्रचारक सभा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। बेलगावी में हो रही यह बैठक संघ के आगामी स्वरूप और देश के बदलती सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों में उसकी भूमिका को तय करेगी।

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