नाटो समिट में ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान के साथ सीज़फायर खत्म, सैन्य कार्रवाई से दहला मध्य-पूर्व
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तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीज़फायर) को समाप्त करने का ऐलान कर दिया है।

शांति समझौता इतिहास के पन्नों में दफन ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रुटे की मौजूदगी में स्पष्ट किया कि 17 जून को इस्लामाबाद में हुआ शांति समझौता (MoU) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को बीमार और बुरे लोग करार देते हुए कहा कि वे अब इनसे कोई बातचीत नहीं करना चाहते। ट्रंप ने ईरान को एक ‘कैंसर’ की उपमा दी, जिसे जड़ से खत्म करना आवश्यक है।

रात भर बरसी अमेरिकी बारूद: 80 से ज्यादा ठिकाने तबाह ट्रंप के इस कड़े रुख के पीछे सोमवार रात हुआ एक गुप्त सैन्य ऑपरेशन है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि ईरान के 80 से अधिक रणनीतिक ठिकानों को हवाई हमलों में तबाह कर दिया गया है। इसमें ईरान का एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की 60 से अधिक लड़ाकू नौकाएं शामिल हैं। साथ ही, अमेरिका ने ईरान पर तेल निर्यात की पूर्ण नाकेबंदी लागू कर दी है।

ईरान की हिट लिस्ट में नंबर वन हूँ मैं ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि वे इस वक्त ईरानी शासन के नंबर वन टारगेट पर हैं। उन्होंने कहा, वे मुझे खत्म करना चाहते हैं, मैं उनकी हर सूची में सबसे ऊपर हूं। हाल ही में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान लगे डेथ टू अमेरिका के नारों के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं।

सहयोगियों पर भड़के ट्रंप, स्पेन को दी धमकी ईरान के खिलाफ जंग में सहयोग न मिलने से नाराज ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने ग्रीनलैंड और ईरान के मुद्दे पर नाटो के रवैये की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने मंच से ही स्पेन पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी और नाटो द्वारा अमेरिका पर वित्तीय बोझ डालने को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।

वैश्विक बाजारों में मची खलबली: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ट्रंप के ऐलान का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर तुरंत दिखा। ब्रेंट क्रूड ऑयल 5% उछलकर $78 प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि यूरोप में नेचुरल गैस की कीमतों में भी भारी बढ़त दर्ज की गई। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के शेयर बाजार 1.4% से 1.9% तक लुढ़क गए हैं। निवेशकों में डर का माहौल है, जिससे सरकारी बॉन्ड की बिक्री तेज हो गई है।

जर्मनी का रुख: क्या यह सिर्फ एक ‘पावर प्ले’ है? जर्मनी ने अमेरिका के हमलों को ‘जायज’ ठहराया है। जर्मन विदेश मामलों के विशेषज्ञ जोहान वाडेफुल का मानना है कि ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी होगी। हालांकि, जहां ट्रंप ने बातचीत के सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं, वहीं जर्मनी को अभी भी उम्मीद है कि यह केवल एक पावर प्ले है। बहरहाल, तेल कीमतों में आए इस भारी उछाल ने दुनिया को ‘काली सर्दियों’ की आहट दे दी है।

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