दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदार के तौर पर पहचान रखने वाला भारत अब खुद सप्लायर बन चुका है। हथियारों की वैश्विक मंडी में भारत की धमक इतनी बढ़ गई है कि आज 80 से ज्यादा देशों में भारतीय रक्षा उपकरण पहुंच रहे हैं। हाल ही में इंडोनेशिया के साथ हुए समझौतों ने इस बदलाव पर मुहर लगा दी है।
प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर बड़ा समझौता हुआ है। इन दोनों डिफेंस एक्सपोर्ट डील्स की कीमत 60 करोड़ डॉलर से ज्यादा आंकी गई है। इंडोनेशिया से पहले वियतनाम और फिलीपींस भी ब्रह्मोस के लिए भारत के साथ करार कर चुके हैं।
भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा बनाई गई ब्रह्मोस मिसाइल आज भारत के डिफेंस निर्यात का सबसे बड़ा चेहरा है। इसके साथ ही, DRDO द्वारा स्वदेशी तकनीक से विकसित अस्त्र मिसाइल भी अब विश्व बाजार में अपनी जगह बना रही है। अस्त्र भारत की पहली स्वदेशी बियॉन्ड-विज़ुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) है, जो दुश्मन के फाइटर जेट्स को 100 किमी से अधिक दूरी से मार गिराने में सक्षम है।
डेटा पर गौर करें तो भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट एक दशक में ऐतिहासिक गति से बढ़ा है। 2013-14 में जहां भारत का रक्षा निर्यात मात्र 686 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 तक यह आंकड़ा 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह लगभग 5500% की अभूतपूर्व वृद्धि है। इसी दौरान रक्षा उत्पादन भी 46,429 करोड़ से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
भारत का एक्सपोर्ट सिर्फ मिसाइलों तक सीमित नहीं है। आज दुनिया भर की सेनाएं भारत में बने नेवल प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा जता रही हैं। मालदीव, मॉरिशस, वियतनाम और मोजैम्बिक जैसे देश भारत से Do-228 पेट्रोल एयरक्राफ्ट, फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट और एंटी-सबमरीन सिस्टम खरीद रहे हैं। इसके अलावा आर्मेनिया जैसे देश आकाश मिसाइल सिस्टम और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार जैसे अत्याधुनिक उपकरणों में गहरी रुचि दिखा रहे हैं।
कभी हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला भारत अब खुद एक ग्लोबल डिफेंस हब बन रहा है। SIPRI की रिपोर्ट भले ही निर्यात के आंकड़ों में मामूली बदलाव दिखाती हो, लेकिन यह असल में भारत की अपनी जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भर होने की प्रक्रिया है। रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 सालों में भारत ने जिस तरह से अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, वह स्पष्ट तौर पर दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक सुरक्षा बाजार का एक प्रमुख बाजीगर बनने की राह पर है।
Did you know?
— PIB India (@PIB_India) June 17, 2026
India s defence exports have surged 55-fold since 2014, reaching ₹38,400 crore in FY 2025-26.
Today, Indian defence equipment is exported to 80+ countries worldwide. #12YearsOfSurakshitBharat pic.twitter.com/pvMgyQr8cC
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