प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा एक ऐतिहासिक पड़ाव पर है। आज पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मध्य जावा में स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की औपचारिक शुरुआत की, जो भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करता है।
इस जीर्णोद्धार परियोजना की नींव पिछले साल राष्ट्रपति प्रबोवो की भारत यात्रा के दौरान रखी गई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) अब इंडोनेशियन हेरिटेज इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर इस मंदिर के संरक्षण का कार्य करेगा। ASI को प्राचीन मंदिरों के पुनर्निर्माण का व्यापक अनुभव है, जिसके चलते इस 1000 साल पुराने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल को अपनी मूल भव्यता में वापस लाने की कवायद शुरू हो गई है। परियोजना का मुख्य कार्य 2026-27 के बीच गति पकड़ेगा।
9वीं शताब्दी में संजय वंश के राजा राकाई पिकातन द्वारा निर्मित यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। यद्यपि मुख्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन पूरे परिसर में हिंदू त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) की उपस्थिति इसे अद्भुत बनाती है। मंदिर की वास्तुकला दक्षिण भारतीय पल्लव और चोल शैली से प्रेरित है, जिसमें 47 मीटर ऊंचा मुख्य शिव मंदिर आकर्षण का केंद्र है।
प्रम्बानन मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि रामायण का जीवित दस्तावेज है। इसकी दीवारों पर उकेरी गई नक्काशी में माता सीता का स्वयंवर, सीता हरण, हनुमान जी की लंका यात्रा और रावण वध जैसे प्रसंगों को अत्यंत बारीकी से दिखाया गया है। यहाँ आयोजित होने वाला रामायण बैले यह साबित करता है कि सदियों बाद भी रामायण इंडोनेशिया की सांस्कृतिक पहचान का अटूट हिस्सा है।
मंदिर दर्शन के बाद पीएम मोदी ने बेहद भावुक होकर कहा, मेरा जन्म वडनगर में हुआ, जहां हाटकेश्वर महादेव हैं। सोमनाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक, मुझे हमेशा भगवान शिव की सेवा का सौभाग्य मिला है। इंडोनेशिया में इस जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत करना मेरे लिए व्यक्तिगत और आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।
1991 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित यह स्थल 19वीं सदी की शुरुआत तक उपेक्षित था। राजकुमारी रोरो जोंगग्रांग से जुड़ी लोककथाएं आज भी पर्यटकों को रोमांचित करती हैं। अब भारतीय विशेषज्ञों की मदद से, यह मंदिर विश्व के सामने अपनी प्राचीन भव्यता के साथ फिर से स्थापित होने को तैयार है, जो भारत-इंडोनेशिया की मित्रता के एक नए युग का प्रतीक बनेगा।
#WATCH | Indonesia: Prime Minister Narendra Modi and Indonesian President Prabowo Subianto jointly unveil the plaque for India-Indonesia Collaborative Cultural Heritage Conservation for Prambanan Temple in Yogyakarta.
— ANI (@ANI) July 8, 2026
(Video: DD News) pic.twitter.com/LCqieoq8fk
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