33 साल का एक कैदी, जो भारत की सबसे सुरक्षित जेलों में बंद है, लेकिन उसकी उंगलियां एक ऐसे ग्लोबल नेटवर्क को कंट्रोल कर रही थीं जिसने अमेरिका से लेकर यूरोप तक हड़कंप मचा रखा है। सरकारी वकीलों के एक सनसनीखेज खुलासे ने दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।
अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने एक ऐसे खुफिया मिशन को अंजाम दिया है जिसे इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है। ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत अमेरिका, कनाडा, स्पेन और यूरोप के कई देशों में एक साथ छापेमारी की गई। कई सालों की डिजिटल ट्रैकिंग के बाद एजेंसियों ने तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों की रीढ़ तोड़ दी है। इस ऑपरेशन में अब तक 24 गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 10 अन्य भगोड़ों की तलाश जारी है।
यह सिर्फ गैंगवार नहीं, बल्कि अरबों डॉलर का खूनी कारोबार था। छापेमारी के दौरान जांचकर्ताओं ने लगभग 1000 किलोग्राम शुद्ध कोकीन, हेरोइन, भारी मात्रा में नकदी और विनाशकारी हथियारों का जखीरा बरामद किया है। लॉस एंजिल्स और कैलिफोर्निया की 34 से अधिक आलीशान संपत्तियों पर हुई इस कार्रवाई ने इस सिंडिकेट के भयावह रूप को उजागर कर दिया है।
इस जांच का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा है। कोर्ट के गोपनीय दस्तावेजों के अनुसार, 18 जून, 2023 को कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर (कोडनेम H.S.N. ) की हत्या की साजिश इसी गैंग ने रची थी। प्रॉसिक्यूटर का आरोप है कि जेल में बंद बिश्नोई और उसके नॉर्थ अमेरिकन कमांडर गोल्डी बराड़ ने ही इस हाई-प्रोफाइल मर्डर का फाइनल ऑर्डर दिया था।
जांच में जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट का भी काला चिट्ठा खुला है। यह नेटवर्क दुनिया भर में 1,000 से ज्यादा शूटरों के साथ सक्रिय है। इस गिरोह की क्रूरता का आलम यह है कि इनके गुर्गे इमिग्रेशन हिरासत के अंदर से ही ओहायो के एक परिवार को फोन कर लाखों डॉलर की रंगदारी के लिए उनके बच्चों को मारने की धमकी दे रहे थे।
तीसरा प्रहार वैंकूवर स्थित रविंदर सिंह ढांडा के ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क पर हुआ। यह गिरोह ट्रकों में फलों और सब्जियों की आड़ में कोकीन और मेथामफेटामाइन को बॉर्डर पार कराता था। जांच के अनुसार, 2024-25 के बीच इसी नेटवर्क ने लॉस एंजिल्स में 520 किलोग्राम से अधिक कोकीन की हेराफेरी की।
FBI, DEA, होमलैंड सिक्योरिटी और स्पेन की गार्डिया सिविल ने मिलकर इस जाल को तोड़ा है। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर आरोप साबित होते हैं, तो लॉरेंस बिश्नोई और उसके गुर्गों को कम से कम 10 साल से लेकर बिना पैरोल वाली उम्रकैद तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है। यह ऑपरेशन साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय अपराधी अब किसी भी देश की सीमा में सुरक्षित नहीं हैं।
As part of Operation Hard Ball, the FBI and our law enforcement partners throughout California, other U.S. cities and in Canada, India and Europe collaborated to execute dozens of search and arrest warrants targeting 37 members of violent transnational organizations who are… pic.twitter.com/WXIOk6vALU
— FBI Los Angeles (@FBILosAngeles) July 7, 2026
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय ने चुप्पी तोड़ते हुए दिया बड़ा बयान, बोले- सत्य सामने आएगा
अंगक्लुंग: पीएम मोदी के हाथों में दिखा इंडोनेशिया का वह जादुई वाद्ययंत्र, जिसकी धुन में है एकता का संदेश
बांकीपुर में BJP का बंटी दांव: क्या प्रशांत किशोर को चुनौती दे पाएंगे नितिन नवीन के करीबी?
जिम जाने की क्या जरूरत? साइकिल चलाते मस्कुलर चचा का वीडियो देख दंग रह गई दुनिया
हाईवे की लागत निकल गई, फिर भी क्यों वसूला जाता है टोल? NHAI ने खोला राज
सौरव गांगुली के जन्मदिन पर दादा का धमाका: राजकुमार राव ने रीक्रिएट किया ऐतिहासिक लॉर्ड्स वाला पल
फीफा वर्ल्ड कप: हार के मुहाने पर था अर्जेंटीना, मेसी के जादुई 4 मिनट ने पलट दी बाजी
बांकीपुर उपचुनाव का बिगुल: बीजेपी ने अभिषेक कुमार पर दांव खेला, दिलचस्प होगी सियासी टक्कर
मैदान पर गोल की मशीन, सोशल मीडिया पर एंटरटेनर : एर्लिंग हालैंड का जलवा
इंडोनेशिया में गणित क्लास: पीएम मोदी ने बताया क्यों खास है नंबर 8