देशभर में लाखों लोग रोजाना राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का सफर करते हैं। अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि जब सड़क निर्माण की लागत पूरी हो चुकी है, तो टोल टैक्स क्यों बंद नहीं होता? अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पर स्थिति साफ कर दी है।
सिर्फ निर्माण ही नहीं, रखरखाव भी जरूरी NHAI के अनुसार, टोल टैक्स केवल सड़क बनाने की लागत वसूलने का जरिया नहीं है। सड़कों और पुलों पर लगातार भारी वाहनों का दबाव होता है, जिससे वे समय के साथ क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इन सड़कों को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता होती है, जिसका खर्च टोल से मिलने वाले फंड से ही पूरा किया जाता है।
कर्ज और ब्याज का बोझ कई बार राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से करने के लिए बड़ी धनराशि कर्ज लेकर जुटाई जाती है। टोल से मिलने वाली कमाई का एक हिस्सा इस कर्ज की अदायगी और उस पर लगने वाले ब्याज को चुकाने में खर्च होता है। इसके अलावा, नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को विकसित करने के लिए भी इस फंड का उपयोग किया जाता है।
यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं टोल टैक्स की राशि का उपयोग यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव देने के लिए किया जाता है। इसमें हाइवे पर 24x7 पेट्रोलिंग, निगरानी व्यवस्था, और आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस व क्रेन जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा इंतजामात का संचालन भी इसी धनराशि से होता है।
NHAI का स्पष्ट रुख NHAI ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों (National Highways Fee Rules) के तहत संचालित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को एक आरामदायक, सुरक्षित और निर्बाध सफर प्रदान करना है। यही कारण है कि निर्माण की लागत वसूलने के बाद भी नियमों के दायरे में टोल टैक्स की प्रक्रिया जारी रहती है।
🚧 Know Your National Highways | #MythvsFact
— NHAI (@NHAI_Official) June 3, 2026
Today’s myth addresses a common misconception that toll collection stops once the cost of constructing a National Highway is recovered.
In reality, toll collection on National Highways is governed by the National Highways Fee Rules… pic.twitter.com/yXv19m66Ap
श्रीलंका में क्रिकेट के मैदान पर मातम: बल्लेबाजी करते हुए खिलाड़ी की लाइव मैच में मौत
बांकीपुर उपचुनाव: बीजेपी के प्रत्याशी पर प्रशांत किशोर की पार्टी का हमला, पूछा- कौन हैं ये अभिषेक?
पहलगाम हमले पर इंडोनेशिया का सख्त रुख : मोदी ने क्यों की दोस्ती की तारीफ?
फीफा विश्व कप: अर्जेंटीना के सामने मिस्र की चुनौती, क्या मेस्सी का जादू आज फिर चलेगा?
आईटीआई के लड़कों का अतरंगी डांस वीडियो हुआ वायरल, यूजर्स बोले - स्वैग तो देखो!
10 अफेयर भी करे, फिर भी नहीं छोड़ूंगी पति को : गोविंदा के लिए शिल्पा शिंदे से भिड़ीं सुनीता आहूजा
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, कहा- SIT की रिपोर्ट के बाद सामने आएगा सच
क्या सूर्यकुमार यादव कप्तानी जाने से नाराज हैं? पूर्व कप्तान ने अफवाहों का किया द एंड
क्या MBA डिग्री अब भी है गेम चेंजर? 25 हजार से 1 लाख तक का सफर तय करने वाले प्रदीप कन्नन ने बताई अपनी कहानी
नमो एम्बुलेंस घोटाले का सच उजागर किया तो घर पहुंची IT रेड: पत्रकार ने BJP सांसद पर लगाए गंभीर आरोप