हैदराबाद: तेलंगाना में HYDRAA (हैदराबाद डिजास्टर रिस्पांस एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी) की कार्रवाई इन दिनों सुर्खियों में है। अब केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस मुद्दे पर राज्य की रेवंत रेड्डी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
आम लोगों के लिए बुलडोजर, AIMIM के लिए ढाल? किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला करते हुए सवाल किया कि क्या रेवंत सरकार AIMIM के डर से काम कर रही है या उसे खुश करने में जुटी है? उन्होंने आरोप लगाया कि HYDRAA आम नागरिकों के खिलाफ तो कठोर कदम उठा रही है, लेकिन AIMIM से जुड़ी संपत्तियों के मामले में सरकार का रुख पूरी तरह नरम है।
फातिमा ओवैसी कैंपस और झील का मुद्दा मंत्री ने विशेष रूप से बैरिस्टर फातिमा ओवैसी एजुकेशनल कैंपस का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि यह कैंपस सल्कम चेरुवु के फुल टैंक लेवल (FTL) और बफर जोन में स्थित है। बावजूद इसके कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने मामले में सख्ती दिखाई और रिकॉर्ड तलब किए, सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली है।
मुस्लिम समुदाय का नाम, सिर्फ AIMIM का काम किशन रेड्डी का कहना है कि कांग्रेस सरकार यह भ्रम फैला रही है कि AIMIM पूरे मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि हकीकत में HYDRAA की कार्रवाई से गरीब मुस्लिम परिवार भी अपना घर और आजीविका खो रहे हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि इन गरीब परिवारों की मदद के लिए न तो कांग्रेस आगे आई और न ही AIMIM ने कोई आवाज उठाई।
रियल एस्टेट की कमीशन का खेल? केंद्रीय मंत्री ने सीधा आरोप लगाया कि रेवंत सरकार की नजर जमीन और रियल एस्टेट के लाभ पर है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए बुलडोजर और राजनीतिक सहयोगियों के लिए सुरक्षा रेवंत रेड्डी सरकार की कार्यशैली बन गई है। उन्होंने जोर दिया कि सार्वजनिक संसाधन और झीलें तेलंगाना के लोगों की हैं, किसी विशेष राजनीतिक दल की जागीर नहीं।
कानून सबके लिए बराबर हो किशन रेड्डी ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह वोट-बैंक और सांप्रदायिक राजनीति से ऊपर उठे। उन्होंने मांग की कि सरकार कानून को समान रूप से लागू करे और प्रदेश के सभी नागरिकों के साथ न्याय सुनिश्चित करे। अब देखना यह है कि राज्य सरकार इस तीखे हमले पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
Fear of the MIM? Love for the MIM? Or both?
— G Kishan Reddy (@kishanreddybjp) July 5, 2026
In its lust for commissions from land and real estate deals, the Revanth Reddy Government is willing to sacrifice the livelihoods of ordinary citizens while going to any extent to protect the Majlis party. HYDRAA has become a symbol of… pic.twitter.com/mfxCEEdVG3
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