जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की हालिया भारत यात्रा ने बीजिंग की नींद उड़ा दी है। चीन ने इस कूटनीतिक दौरे को निशाना बनाने के लिए एक बेहद अजीबोगरीब पानी विवाद खड़ा किया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने तकाइची के भारत दौरे को लेकर जहर उगलते हुए इसे भारत के प्रति जापान की बेरुखी करार दिया है।
क्या है पानी विवाद का असली सच? चीनी मीडिया का दावा है कि जापानी प्रधानमंत्री ने भारत में एक घूंट पानी तक नहीं पिया और यहां तक कि कुल्ला करने के लिए भी जापान से लाया गया बोतलबंद मिनरल वाटर इस्तेमाल किया। ग्लोबल टाइम्स इसे भारत के प्रति अनादर और दोहरापन बता रहा है। चीनी प्रोपेगेंडा का कहना है कि एक तरफ तकाइची पीएम मोदी को भाई कह रही हैं, तो दूसरी तरफ उनके प्रोटोकॉल में भारतीय नल के पानी का सख्त बहिष्कार किया गया है।
चीन किस बात से इतना डर गया? यह विवाद केवल पानी को लेकर नहीं है, बल्कि इसके पीछे की हताशा गहरी है। चीन को डर है कि भारत और जापान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी उसके लिए बड़ा खतरा बन गई है। हाल ही में जापान ने ताइवान मामले पर चीन को सीधे चेतावनी दी है और अपनी सैन्य नीति बदलते हुए भारत के साथ मिलकर रक्षा उपकरणों के विकास को मंजूरी दी है।
नौसैनिक चुनौती से तिलमिलाया बीजिंग भारत और जापान के बीच हुआ यूनिकॉर्न (UNICORN) नौसैनिक कम्युनिकेशन समझौता चीन के लिए बड़ा झटका है। चीन को इस बात का डर है कि जापानी तकनीक और भारत की विनिर्माण क्षमता मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी नौसैनिक दादागिरी को खत्म कर देंगी। क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) की आपूर्ति श्रृंखला में भारत-जापान का गठबंधन चीन के वैश्विक एकाधिकार को भी तोड़ने की ताकत रखता है।
क्यों प्रोपेगेंडा फैला रहा चीन? दक्षिण चीन सागर और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और जापान का लगातार मुखर होना चीन को बेचैन कर रहा है। दोनों देशों ने बिना नाम लिए चीन की विस्तारवादी नीतियों और सैन्यीकरण का विरोध किया है। चीन जानता है कि वह इन दोनों देशों को सीधे नहीं रोक सकता, इसलिए वह टैप वाटर जैसे छोटे मुद्दों को तूल देकर भारत और जापान के बीच कूटनीतिक दरार पैदा करने की कोशिश कर रहा है।
यह साफ है कि चीन की पानी वाली यह खीझ उसकी कूटनीतिक हार और भारत-जापान की बढ़ती ताकत के डर को दर्शाती है।
During her visit to India, Japanese Prime Minister Sanae Takaichi didn t drink a single sip of Indian water and even used bottled mineral water brought from Japan for rinsing her mouth. Is this true? If so, she s living way too delicately, and it s quite disrespectful to India as… pic.twitter.com/021wD8wYUf
— Hu Xijin 胡锡进 (@HuXijin_GT) July 4, 2026
क्या भारत में विलय का समय आ गया है? पीओके की जनता ने पाकिस्तान के खिलाफ फूंका बिगुल
बिहार में अब नीति आयोग की तर्ज पर होगा विकास: सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
खगड़िया: हाथ में हथियार, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो; पुलिस की बढ़ी मुश्किलें
केतन अग्रवाल केस: पोते की मौत का गम नहीं सह सके दादा, 17 दिन बाद दुनिया को कहा अलविदा
मरंगा का आदित्यधाम : जहां बियाडा के औद्योगिक शोर में गूंजती है सूर्यदेव की स्तुति
भारत को मिली करारी शिकस्त, बेथेल की तूफानी पारी ने इंग्लैंड को दिलाई 1-0 की बढ़त
सुन रहे हो न विनोद : पीएम मोदी का मजाकिया अंदाज देख गूंज उठा गुजरात का पांडाल
लू से बेहाल यूरोप को ईरान का अजीब ऑफर: बैन हटाओ, एसी ले जाओ और जान बचाओ
क्या मैं मर गई हूं? : पार्टी में मची भगदड़ पर ममता बनर्जी का तीखा पलटवार, अब खुद संभालेंगी कमान
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का धमाका: डेब्यू मैच में जोफ्रा आर्चर को जड़ा छक्का, सचिन तेंदुलकर का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा