मुंबई में कुदरत का प्रलय: रेड अलर्ट के बीच थमी रफ्तार, पानी में डूबे शहर
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मुंबई पर इस वक्त कुदरत का कहर जारी है। आसमान में छाए घने काले बादल, समंदर की विकराल लहरें और शहर को निगलती कोहरे की चादर ने आर्थिक राजधानी का मंजर एक हॉरर फिल्म जैसा बना दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उपनगरों के लिए रेड अलर्ट बरकरार रखा है।

गगनचुंबी इमारतों पर कोहरे का साया दक्षिण मुंबई की ऊंची गगनचुंबी इमारतें रहस्यमयी कोहरे की चादर में आधी छिप चुकी हैं। फिलहाल शहर के कई हिस्सों में बारिश थमी हुई है, लेकिन मौसम विभाग ने इसे तूफान से पहले की शांति करार दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर बाद बादलों का गुस्सा दोबारा फूट सकता है, जिससे बारिश की तीव्रता बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है।

नालासोपारा-वसई: नौ घंटे बाद भी पानी में कैद मुंबई के सैटेलाइट शहरों, खास तौर पर नालासोपारा और वसई-विरार की स्थिति सबसे भयावह है। शनिवार की मूसलाधार बारिश के बाद कई रिहायशी इलाकों और सड़कें टापू बन चुकी हैं। नौ घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पानी निकासी न होने से जनजीवन पूरी तरह ठप है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने कई इलाकों में बिजली काट दी है, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।

लोकल ट्रेनों पर मंडराता खतरा मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। वेस्टर्न रेलवे के नालासोपारा स्टेशन पर पटरियों के डूबने से सेवाएं बाधित हुईं, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बहाल तो कर दिया गया है, लेकिन ट्रेनें अब भी देरी से चल रही हैं। रेलवे अधिकारियों की मानें तो दोबारा भारी बारिश होने पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो सकता है।

घाटकोपर में गिरा विशाल पेड़ पूर्वी उपनगर के घाटकोपर में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। विक्रांत सर्कल के पास अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आकर पांच गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि इस दौरान वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मलबा हटाकर रास्ता साफ किया।

अगले 24 घंटे सबसे अहम: घरों से बाहर न निकलें प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे मुंबई के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। पालघर, मुंबई और ठाणे में 200 मिमी से अधिक बारिश का अनुमान है। आपदा प्रबंधन की टीमें निचले इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बेहद जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और सतर्क रहें। समंदर की उग्र लहरों और खराब मौसम को देखते हुए सुरक्षित रहना ही एकमात्र विकल्प है।

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