लोहागढ़ हत्याकांड: पोते के इंसाफ की आस में दादा ने तोड़ा दम, साजिश का दर्द नहीं सह पाए देवीचंद अग्रवाल
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पुणे में लोहागढ़ किले पर हुई 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब इस मामले ने एक और दुखद मोड़ ले लिया है। केतन के दादा, देवीचंद अग्रवाल का कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) से निधन हो गया है। वे अपने पोते की मौत के गम और उसके लिए न्याय की लड़ाई के बीच टूट चुके थे।

न्याय की मांग अधूरी रह गई

पिछले दिनों 71 वर्षीय देवीचंद अग्रवाल ने अपनी खराब सेहत के बावजूद केतन को इंसाफ दिलाने के लिए एक कैंडल मार्च में हिस्सा लिया था। नम आंखों और कांपती आवाज में उन्होंने मांग की थी, सिया और चेतन को मौत की सजा मिलनी चाहिए। अपने जीवन के आखिरी दिनों में उनका इकलौता मकसद केतन के हत्यारों को फांसी के फंदे तक पहुंचाना था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

बुढ़ापे का सहारा छिन गया

केतन की मौत का सदमा देवीचंद के लिए असहनीय था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि वे सिया गोयल के परिवार को 35 साल से जानते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सिया के परिवार ने केतन और सिया के रिश्ते के लिए उन पर दबाव डाला था। उन्होंने कहा, मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया गया। मुझे 110 बार भरोसा दिलाया गया था कि लड़की बहुत अच्छी है।

सगाई, साजिश और खौफनाक अंत

फरवरी में सगाई और नवंबर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। सब कुछ परफेक्ट लग रहा था, लेकिन सिया के मन में कुछ और ही था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सिया किसी और से (चेतन चौधरी) प्यार करती थी। परिवार के विरोध के डर से सिया और चेतन ने केतन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।

जन्मदिन के बहाने मौत का जाल

18 जून को सिया ने अपना जन्मदिन मनाने के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाया। वहां से 400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का दे दिया गया। हत्या के बाद सिया ने मासूमियत का नाटक करते हुए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट लिखी, जिसमें उसने केतन पर ही उसे छोड़कर चले जाने का आरोप लगाया था।

कैसे खुला राज?

सिया ने इसे महज एक हादसा बताया था, लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब पता चला कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे। तकनीकी सबूतों और गवाहों के बयानों ने सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन की कलई खोल दी। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने बेहद ठंडे दिमाग से इस कत्ल को अंजाम दिया था।

सोशल मीडिया पर अब उस जगह को सिया पॉइंट कहा जा रहा है, जहां इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। फिलहाल, आरोपी सलाखों के पीछे हैं और मृतक केतन का परिवार अब एक और अर्थी उठाने को मजबूर है।

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