जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में एक विवादास्पद किताब के वितरण ने बड़े सियासी तूफान को जन्म दे दिया है। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंचाई गई इस किताब में आतंकियों और अलगाववादी नेताओं का गुणगान किए जाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला तूल पकड़ते ही प्रशासन ने आनन-फानन में किताबों को वापस लेने और जांच के आदेश दिए हैं।
क्या है विवादित किताब का नाम? हंगामे की जड़ Personalities and Legends of J&K नामक किताब है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस किताब पर समग्र शिक्षा, जम्मू-कश्मीर (Samagra Shiksha, J&K) का सरकारी लोगो छपा हुआ है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सरकारी मंजूरी की प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और किस आधार पर इसे स्कूलों के लिए चुना गया।
किताब में आपत्तिजनक सामग्री का आरोप आरोपों के मुताबिक, किताब में JKLF के आतंकी मकबूल भट्ट को शहीद बताया गया है। साथ ही अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मसर्रत आलम और मीरवाइज उमर फारूक को सकारात्मक रूप में पेश किया गया है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इसमें 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का भी महिमामंडन किया गया है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के लिए इंडियन ऑक्युपाइड कश्मीर जैसे देशद्रोही शब्दों के इस्तेमाल पर भी भारी रोष है।
बीजेपी का सरकार पर तीखा हमला जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने इस घटना को एक गहरी साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि जो किताब देश के दुश्मनों का गुणगान करती है, उसका स्कूलों में पहुंचना गंभीर अपराध है। शर्मा ने मांग की है कि इस मामले में लेखक, प्रकाशक और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार की भूमिका पर भी संदेह जताया है।
प्रशासन की कार्रवाई विपक्ष के भारी विरोध और जनता के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने हरकत में आते हुए विवादित किताब को सभी लाइब्रेरी से वापस मंगवा लिया है। अब सरकार ने इस पूरे मामले में उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी मुहर के साथ यह आपत्तिजनक सामग्री स्कूलों तक कैसे पहुंची। जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
*VIDEO | Jammu: Leader of the Opposition in the J&K Assembly Sunil Sharma says, We strongly object to the book that has recently been distributed to the libraries of several schools in Jammu and Kashmir. The book carries the Samagra Shiksha Abhiyan logo on its cover, and this… pic.twitter.com/92oW1Gn09m
— Press Trust of India (@PTI_News) July 4, 2026
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