भारत ने तकनीक की दुनिया में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में सीजी सेमी (CG Semi) के अत्याधुनिक ओसैट (OSAT) प्लांट का उद्घाटन किया। यह भारत का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है, जो न केवल देश की निर्भरता को खत्म करेगा, बल्कि वैश्विक चिप बाजार में भारत को एक प्रमुख निर्यातक के रूप में स्थापित करेगा।
चिप के लिए विदेशी निर्भरता का अंत यह प्लांट भारत की सेमीकंडक्टर मिशन को नई रफ्तार देने वाला है। इसका उद्देश्य केवल चिप बनाना नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन, इंजीनियरिंग, रॉ मटेरियल और लॉजिस्टिक्स के साथ एक मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। इससे इलेक्ट्रॉनिक सामानों की सप्लाई चेन मजबूत होगी और विदेश से आने वाली चिप्स पर देश की निर्भरता कम होगी।
20-22 साल पुराना सपना हुआ साकार उद्घाटन के दौरान भावुक हुए पीएम मोदी ने खुलासा किया कि इस प्लांट को लगाने की नींव उन्होंने 20 साल पहले रखी थी। उन्होंने बताया, तब मैंने गांधीनगर और प्रांतिज के बीच इसके लिए जमीन तलाशी थी, लेकिन तब परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। आज मेरा वह 20-22 साल पुराना सपना सच हो गया है। उन्होंने याद किया कि उस समय चिप निर्माण की बात करने पर लोग मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज भारत इस दिशा में दुनिया को नेतृत्व दे रहा है।
सालाना करोड़ों चिप्स का होगा निर्माण साणंद का यह प्लांट भारत की उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। यहाँ प्रतिवर्ष 500 करोड़ चिप्स बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में यहाँ से 20 करोड़ चिप्स तैयार की जाएंगी। यह कदम टेक डिवाइस की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और चिप्स की वैश्विक कमी को दूर करने में भी मददगार साबित होगा।
जापान, अमेरिका और यूरोप तक पहुंचेगा डंका आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि साणंद में निर्मित चिप्स का उपयोग ऑटोमोटिव (गाड़ियों) और इंडस्ट्रियल सेक्टर में प्रमुखता से होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये मेड इन इंडिया चिप्स केवल भारत की जरूरतों को पूरा नहीं करेंगी, बल्कि जापान, अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों को निर्यात की जाएंगी।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की तैयारी सरकार अब इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर तेजी से काम कर रही है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर पुर्जों की मांग बढ़ेगी, बल्कि उद्योग जगत में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है, और अब चिप के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर वह ग्लोबल टेक-पावर बनने की ओर अग्रसर है।
More than 20 years ago, perhaps even earlier, I had prepared a plan to set up a semiconductor plant in Gujarat.
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 4, 2026
We had identified around 350-400 acres of land near Gandhinagar and Prantij and had also held discussions with some companies....
Although it could not happen then,… pic.twitter.com/xq9JRZB9cr
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