अमित शाह से सुखजिंदर रंधावा की मुलाकात: क्या पंजाब कांग्रेस में बगावत की आहट?
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पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। शुक्रवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई इस मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या रंधावा बीजेपी का दामन थामने की तैयारी में हैं।

नाराजगी का क्या है कारण? माना जा रहा है कि रंधावा पंजाब कांग्रेस की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। हाल ही में गठित पंजाब कांग्रेस की नई टीम में उन्हें कोर कमेटी का प्रमुख बनाया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, रंधावा इस जिम्मेदारी से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि इतनी चर्चा और बैठकों के बाद भी पार्टी ने उन्हें कोई बड़ी या संतोषजनक भूमिका नहीं दी है।

रंधावा ने क्या दी सफाई? बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए रंधावा ने स्पष्ट किया कि यह एक आधिकारिक मुलाकात थी। उन्होंने बताया, मैंने 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखकर पंजाब के सीमावर्ती जिलों, विशेषकर गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई थी।

राष्ट्रीय सुरक्षा और गैंगस्टर्स का मुद्दा रंधावा ने कहा कि उन्होंने अपनी मुलाकात में पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों और राजनेताओं की मिलीभगत जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है और जेलों के अंदर से गैंगस्टर्स धड़ल्ले से मोबाइल का इस्तेमाल कर जबरन वसूली कर रहे हैं।

सुरक्षा पर केंद्र का रुख कांग्रेस सांसद ने जानकारी दी कि गृह मंत्री ने उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को स्वीकार किया है। रंधावा के अनुसार, उन्होंने आईबी, रॉ और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि पंजाब के हालात अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं और इसमें केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

कांग्रेस के भीतर बढ़ता असंतोष रंधावा की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह चरम पर है। केवल रंधावा ही नहीं, बल्कि मनीष तिवारी जैसे कद्दावर नेता भी पार्टी की नई टीम और निर्णयों पर सवाल उठा चुके हैं। पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर की यह गुटबाजी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

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