ईरान रवाना होगा भारत का प्रतिनिधिमंडल: अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे ये दिग्गज
News Image

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के लिए पूरा विश्व जगत ईरान की ओर देख रहा है। इस ऐतिहासिक और शोकपूर्ण अवसर पर भारत की ओर से एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।

भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। दोनों नेता 3 जुलाई को ईरान के लिए रवाना होंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह दौरा भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

पीएम मोदी को मिला था निमंत्रण ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से अंतिम संस्कार में आमंत्रित किया था। हालांकि, अपनी पूर्व-निर्धारित व्यस्तताओं और आधिकारिक व्यस्त शेड्यूल के कारण प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

राजनीतिक दलों की भागीदारी भारत से कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने पुष्टि की है कि वे अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए ईरान जाएंगे। वहीं, पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने भी निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और वे खामेनेई को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए ईरान यात्रा पर जाएंगी।

मुख्तार अब्बास नकवी पर संशय ईरान सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है। ईरान के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग ने उन्हें भारत के विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। हालांकि, नकवी ने निमंत्रण मिलने की पुष्टि तो की है, लेकिन उनके ईरान जाने पर अभी भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई तक चलेंगे। 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी। अंत में, 9 जुलाई को मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

गौरतलब है कि खामेनेई करीब तीन दशक तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। उनका निधन 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले के दौरान हुआ था, जिसने पूरे मध्य-पूर्व की राजनीति को हिलाकर रख दिया है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

भारत-जापान रिश्तों में नई गर्माहट: पीएम मोदी ने जापानी पीएम ताकाइची को कहा छोटी बहन

Story 1

भारत-पाक वार्ता पर उमर अब्दुल्ला का दो टूक: RSS कहे तो ठीक, हम कहें तो विवाद क्यों?

Story 1

क्या वाराणसी में युवती ने काट दिए 6 युवकों के सिर? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का सच

Story 1

BSNL का धमाकेदार फ्रीडम ऑफर : 51 रुपये में पाएं 28 दिन की वैलिडिटी और डेटा, जानें पूरी डिटेल

Story 1

पार्टियां तोड़ते-तोड़ते एक दिन मोदी और शाह खुद एक-दूसरे को ही तोड़ देंगे! - संजय राउत का तीखा हमला

Story 1

दतिया की जंग: चुनाव तारीखों के ऐलान के साथ ही भाजपा ने फूंका जीत का बिगुल

Story 1

9 साल बाद श्रीलंका फतह करने को तैयार टीम इंडिया: क्या दोहरा पाएगा इतिहास?

Story 1

अमेरिका में शाहरुख खान का सपना सच: लॉस एंजिल्स में हुआ नाइट राइडर्स के आलीशान क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन

Story 1

धनबाद पुलिस का अनोखा प्रयोग: 700 दागियों की परेड, अपराध की दुनिया छोड़ने की शपथ

Story 1

ई-रिक्शा बंद कर रहे प्रैंकस्टर्स: चाइनीज ऐप का खतरनाक खेल और आपकी सुरक्षा का सच