जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद बहाली की पुरजोर वकालत की है। शोपियां में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीति पर तीखा प्रहार किया और शांति के लिए बातचीत को एकमात्र विकल्प बताया।
तनाव दशकों पुराना, बातचीत है जरूरी उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई हालिया घटना नहीं है, बल्कि पिछले 30-40 वर्षों से यह सिलसिला जारी है। पहलगाम में पिछले साल हुई आतंकी घटना के बाद रिश्तों में कड़वाहट और बढ़ी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर समाधान की अपील की जा रही है।
आरएसएस बनाम क्षेत्रीय राजनीति का विरोधाभास सीएम ने इस विषय पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का हवाला दिया। उन्होंने याद दिलाया कि 13 जून 2026 को भागवत ने पाकिस्तान के साथ दोस्ताना रिश्तों और संवाद के दरवाजे खुले रखने की बात कही थी। उमर ने कटाक्ष करते हुए कहा, जब आरएसएस नेतृत्व संवाद की बात करता है तो खामोशी रहती है, लेकिन जब जम्मू-कश्मीर का कोई नेता वही बात दोहराता है, तो राजनीतिक बवंडर खड़ा हो जाता है।
अटल बिहारी वाजपेयी की नीति को याद किया शांति की वकालत करते हुए सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के उस प्रसिद्ध कथन का जिक्र किया कि हम दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों का हित इसी में है कि दोनों पड़ोसी देशों के संबंध सुधारें, ताकि अनिश्चितता का माहौल खत्म हो सके।
सुरक्षा और संवाद साथ-साथ संभव अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि शांति की मांग को केवल राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और कूटनीतिक संवाद—दोनों साथ-साथ चल सकते हैं। उनके अनुसार, स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता बातचीत ही है।
केंद्र का रुख बनाम क्षेत्रीय अपेक्षाएं उमर अब्दुल्ला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार गोलीबारी और सुरक्षा चुनौतियों पर तीखी बहस चल रही है। जहां केंद्र सरकार आतंकवाद के खात्मे तक बातचीत नहीं करने की शर्त पर टिकी है, वहीं जम्मू-कश्मीर का नेतृत्व संवाद को राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने की पहली सीढ़ी मान रहा है।
*#WATCH | Shopian, J&K | Chief Minister Omar Abdullah says, This tension (between India and Pakistan) has persisted for the last 30 to 40 years. It escalated further following what happened in Pahalgam last year. Now, a request is being made to the Prime Minister via a letter to… pic.twitter.com/8IvbzyGkc0
— ANI (@ANI) July 2, 2026
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