केतन अग्रवाल मर्डर केस: क्या गुनहगार तक पहुंचाएगी गेट एनालिसिस तकनीक? जानें कैसे काम करती है ये फॉरेंसिक साइंस
News Image

पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने जांच को एक नया तकनीकी मोड़ दिया है। आरोपी चेतन चौधरी की संलिप्तता को पुख्ता करने के लिए पुलिस अब गेट एनालिसिस (Gait Analysis) तकनीक का सहारा ले रही है। 18 जून को वारदात के दिन लोहगढ़ फोर्ट के सीसीटीवी में हुडी पहने जो युवक दिखा था, पुलिस दावा कर रही है कि वह चेतन ही है। इसी दावे को वैज्ञानिक आधार देने के लिए यह जांच की जा रही है।

आखिर क्या है गेट एनालिसिस ? गेट एनालिसिस किसी व्यक्ति के चलने के तरीके, उसके शारीरिक संचालन (body movement) और कदमों की बनावट का वैज्ञानिक अध्ययन है। इंसानी चाल फिंगरप्रिंट की तरह 90-95% अनोखी होती है। इसमें व्यक्ति के एक कदम की लंबाई, चाल की गति, शरीर का झुकाव, हाथों का हिलना और घुटनों के कोण जैसे 20 से अधिक पैरामीटर्स को मापा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, 15-20 साल की उम्र तक इंसान का चालने का पैटर्न स्थिर हो जाता है।

कैसे काम करती है यह तकनीक? पुलिस इस मामले में दो तरह से जांच कर रही है:

  1. मैनुअल/विजुअल: एक्सपर्ट्स सीसीटीवी फुटेज को फ्रेम-बाय-फ्रेम देखते हैं और आरोपी की चाल का मिलान उसके अन्य वीडियो से करते हैं।
  2. ऑटोमेटेड/कंप्यूटर-आधारित: एआई सॉफ्टवेयर के जरिए आरोपी के जोड़ों (joints) को ट्रैक कर 3D मॉडल तैयार किए जाते हैं।

यदि फुटेज में चाल का मिलान 80% से अधिक सटीक बैठता है, तो इसे अदालत में एक ठोस सबूत के रूप में पेश किया जा सकता है।

क्यों है यह तकनीक अहम? केतन मर्डर केस में सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का चेहरा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे समय में जब मास्क या खराब रोशनी के कारण चेहरे की पहचान संभव नहीं हो पाती, तब गेट एनालिसिस एक अचूक हथियार साबित होता है। हालांकि, इसके लिए एक्सपर्ट्स की कमी है और अदालतों में इसे अन्य सबूतों के साथ जोड़कर देखना अनिवार्य होता है।

सिया और चेतन की साजिश का गहरा नेटवर्क जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि केतन से शादी की शॉपिंग के बहाने लिए गए 1 करोड़ रुपये सिया ने चेतन को दिए थे। वहीं, इस केस को लेकर एक कानूनी विवाद भी खड़ा हो गया है। सिया का केस लड़ने को लेकर वकील आशुतोष श्रीवास्तव और सिया के परिवार के बीच टकराव बढ़ गया है, जिसके चलते वकील ने सिया के भाई साहिल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।

पुलिस अब क्राइम सीन रिक्रिएशन के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को किस तरह मौत के घाट उतारा। आरोपी चेतन और सिया की दोस्ती जयपुर से शुरू हुई थी, जो धीरे-धीरे एक खौफनाक हत्याकांड में बदल गई।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

खुद ठेले पर जाकर खरीद लो , बेटे के बर्ताव पर बुरी तरह फंसी दीया मिर्जा

Story 1

केतन अग्रवाल मर्डर केस: क्या गुनहगार तक पहुंचाएगी गेट एनालिसिस तकनीक? जानें कैसे काम करती है ये फॉरेंसिक साइंस

Story 1

श्रावणी मेले की तैयारियों का लिटमस टेस्ट: डीएम अलंकृता पांडेय आज सुलतानगंज में करेंगी पहली बार निरीक्षण

Story 1

माँ, मैं वापस आ गया : शामली के आयुष मलिक ने छोड़ा इस्लाम, सनातन धर्म में की घर वापसी

Story 1

मुंबई को अलविदा, बेंगलुरु को बनाया नया पता: हार्दिक पांड्या का करियर को लेकर बड़ा दांव

Story 1

12 साल से इंग्लैंड बेबस, भारत का टी20 में दबदबा कायम: क्या श्रेयस अय्यर बचा पाएंगे ये ऐतिहासिक रिकॉर्ड?

Story 1

बेन स्टोक्स: महान खिलाड़ी, लेकिन विवादों का खिलाड़ी —करियर के वो 7 किस्से जिन्होंने झकझोर दी दुनिया

Story 1

मिशन 2027: जयंत चौधरी ने केसी त्यागी को बनाया रालोद का सार्थी , क्या बदलेगी वेस्ट यूपी की सियासी तस्वीर?

Story 1

राम मंदिर चंदा विवाद: ओवैसी के एनकाउंटर वाले तंज पर बोले निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन

Story 1

भौंकने की गजब कला: आदमी की आवाज सुन इकट्ठा हो गई कुत्तों की फौज , वीडियो देख हंसी नहीं रोक पाएंगे आप