अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना (PLA) द्वारा घुसपैठ और शिविर बनाने की खबरों ने सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक हलचल मचा दी थी। अब भारतीय सेना ने इन सभी दावों पर पूर्ण विराम लगा दिया है।
सेना का कड़ा रुख भारतीय सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अरुणाचल में चीनी अतिक्रमण की खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया है, जिनमें यह दावा किया गया था कि चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में अपने ठिकाने बना लिए हैं।
क्यों उठी थी घुसपैठ की चर्चा? यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऊपरी सुबनसिरी जिले के नाह वेलफेयर सोसाइटी ने स्थानीय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया था कि पिछले छह वर्षों में चीनी पीएलए ने पारंपरिक चराई और शिकार वाली भूमि पर धीरे-धीरे कब्जा कर लिया है।
क्या थे स्थानीय लोगों के आरोप? नाह वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष केरू चादेर ने आरोप लगाया था कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन ने न केवल अतिक्रमण किया है, बल्कि वहां सड़कें और सैन्य शिविर भी बना लिए हैं। इन दावों के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
विधायक ने जताई सावधानी मामले की गंभीरता को देखते हुए नाचो के विधायक नकाप नालो ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर आधिकारिक सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों पर बिना पुष्टि के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
सेना पर भरोसा, लेकिन चिंता बरकरार स्थानीय संगठन ने हालांकि भारतीय सेना के सुरक्षा प्रयासों की सराहना की है, लेकिन उन्होंने तकसिंग सेक्टर में चीनी गतिविधियों पर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं।
चीन-बांग्लादेश के बीच नए समझौते इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर चीन की गतिविधियों में एक और मोड़ देखने को मिला है। बांग्लादेश और चीन के बीच तीस्ता नदी प्रबंधन समेत 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाते हैं।
Indian Army- We have seen some media reports alleging recent encroachment by Chinese PLA and setting up of camps in Arunachal Pradesh. These reports are incorrect and without any basis. pic.twitter.com/N3SSJQYL7l
— ANI (@ANI) June 29, 2026
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