अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे ने पूरे देश में राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे निशाने पर लेते हुए नैतिक जिम्मेदारी के साथ इस्तीफे की मांग की है।
वृंदा करात ने SIT को बताया दिखावा सीपीआई (एम) नेता वृंदा करात ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के नाम पर करोड़ों भक्तों से चंदा वसूला गया, लेकिन चोरी होने पर प्रधानमंत्री पूरी तरह खामोश हैं। करात ने कहा कि यूपी सरकार द्वारा गठित एसआईटी सिर्फ एक दिखावा है, जिसका मकसद असल दोषियों को बचाना है। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य ट्रस्टियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
अखिलेश यादव का तीखा प्रहार: भाजपा के लिए धन ही धर्म है समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए हर हफ्ते अयोध्या जा रहे थे, उन्हें इस बड़े भ्रष्टाचार की भनक क्यों नहीं लगी? अखिलेश ने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे की राशि कंड़े और गोबर तक में छिपी मिली है, जो आस्था के साथ भद्दा मजाक है।
कांग्रेस की मांग: नैतिक आधार पर इस्तीफा दें पीएम और सीएम कर्नाटक कांग्रेस के महासचिव सीएस मनोहर ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मंदिर में दान किए गए नकद, सोने और चांदी के गबन ने देशभर के करोड़ों भक्तों की भावनाओं को आहत किया है। कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस वित्तीय धोखाधड़ी के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ देना चाहिए।
उद्धव ठाकरे बोले, मंदिर को दुकान बना दिया शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे हिंदुत्व से विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा, अब समझ आया कि भाजपा मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा क्यों देती थी। इन्होंने राम मंदिर को एक दुकान में बदल दिया है।
पिनराई विजयन का सवाल: मोदी क्यों हैं चुप? केरल के पूर्व सीएम पिनराई विजयन ने इस पूरे प्रकरण को एक सुनियोजित वित्तीय धोखाधड़ी बताया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए करोड़ों हिंदुओं की आस्था का इस्तेमाल किया, अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे इस चोरी पर देश को जवाब दें। फिलहाल, विपक्ष के इस चौतरफा हमले ने सरकार के लिए संकट की स्थिति पैदा कर दी है।
*VIDEO | When asked about the Ram Temple donations embezzlement case, CPI(M) leader Brinda Karat says, This SIT is just an eyewash, this is not for proper investigation, you arrested some random driver, or others, but the main trustees are not the accused. Why is the PM silent?… pic.twitter.com/6lV36bpide
— Press Trust of India (@PTI_News) June 29, 2026
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