हाल ही में आई कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने भारत और पाकिस्तान के बीच श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुई एक कथित अनौपचारिक बैठक को लेकर हलचल मचा दी है। इस बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि क्या यह दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की कोई बड़ी पहल है। हालांकि, भारत सरकार ने इन चर्चाओं पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।
बैठक में क्या हुआ और कौन शामिल था? रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलंबो के एक होटल में दो दिनों तक यह बैठक चली। इस ट्रैक-2 संवाद में भारत की ओर से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव और पूर्व राजनयिक रुचि घनश्याम के शामिल होने का दावा किया गया। वहीं, पाकिस्तानी खेमे से पूर्व राजदूत शेरी रहमान और रिटायर्ड मेजर जनरल इसफंदियाम अली खान पटौदी जैसे नाम सामने आए। चर्चा के मुख्य विषयों में सीमा पार आतंकवाद, जल विवाद और भविष्य में सैन्य टकराव को टालने जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल बताए गए।
कुछ भी आधिकारिक नहीं : विदेश मंत्रालय का दो-टूक जवाब विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस मामले पर स्पष्ट किया कि इस प्रकार के आयोजन दुनिया भर में होते रहते हैं और इसमें कुछ भी नया या असाधारण नहीं है। उन्होंने कहा, ये निजी पार्टियों द्वारा आयोजित प्राइवेट कार्यक्रम हैं। हमारी नजर में इनमें कुछ भी आधिकारिक नहीं है।
सरकार का रुख: इनका कोई मूल्य नहीं विक्रम मिस्री ने जोर देकर कहा कि इस बैठक में भारत सरकार की कोई आधिकारिक भागीदारी या समर्थन नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग इसमें शामिल हुए हैं, वे केवल अपना व्यक्तिगत नजरिया पेश कर रहे थे। वे किसी भी तरह से भारत सरकार के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। हम वास्तव में ऐसे कार्यक्रमों पर कोई ध्यान नहीं देते और न ही इनकी हमारी नजर में कोई खास अहमियत है।
क्या है ट्रैक-2 डायलॉग? आमतौर पर ट्रैक-2 वार्ता का उद्देश्य सरकार की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना अनौपचारिक माध्यमों से तनाव कम करने के रास्ते तलाशना होता है। इसमें सेवानिवृत्त अधिकारी, वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी शामिल होते हैं। सरकार का यह बयान संकेत देता है कि फिलहाल आधिकारिक स्तर पर कूटनीतिक संबंधों को लेकर कोई भी बदलाव भारत की प्राथमिकता नहीं है।
पाकिस्तान की बेचैनी और भारत की सख्ती विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान लगातार किसी भी माध्यम से भारत के साथ बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत सरकार का रुख बेहद स्पष्ट है। आतंकवाद और सीमा पर जारी तनाव के बीच, सरकार जब तक कोई ठोस बदलाव नहीं देखती, तब तक इस तरह की अनौपचारिक बैठकों को कूटनीतिक महत्व देने के मूड में नहीं है।
#WATCH | Victoria, Seychelles: On being asked about Track 2 India-Pakistan dialogue in Colombo, Foreign Secretary Vikram Misri says, I have seen the reports. I am aware of them. Dozens of these kinds of events take place in dozens of places around the world on a whole variety of… pic.twitter.com/Z54aCxbTUr
— ANI (@ANI) June 29, 2026
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