सेशेल्स की चमक: हिंद महासागर का ये छोटा सा देश कैसे बना अफ्रीका का सबसे अमीर राष्ट्र?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन दिवसीय यात्रा के लिए सेशेल्स पहुँच चुके हैं। वे यहाँ 29 जून को आयोजित 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया है। इस यात्रा के केंद्र में न केवल भारत-सेशेल्स के संबंध हैं, बल्कि दुनिया भर के लिए कौतूहल का विषय बना वह आर्थिक मॉडल भी है, जिसने इस छोटे से द्वीपीय देश को अफ्रीका का सबसे अमीर राष्ट्र बना दिया है।

आंकड़ों में सेशेल्स की ताकत हेलो सेफ प्रॉसपेरिटी इंडेक्स 2026 के अनुसार, सेशेल्स अफ्रीका का सबसे अमीर देश है। महज 1.35 लाख की आबादी और 450 वर्ग किलोमीटर के छोटे से क्षेत्रफल वाले इस देश की प्रति व्यक्ति आय 42,110 अमेरिकी डॉलर है। इस रैंकिंग का आधार सिर्फ आय नहीं, बल्कि मानव विकास, क्रय शक्ति और गरीबी का स्तर जैसे पांच महत्वपूर्ण मानक हैं।

भारत से सदियों पुराना रिश्ता सेशेल्स और भारत का नाता 256 साल पुराना है। 1770 में जब यहाँ पहली बस्ती बसी थी, तब आने वाले पहले 27 नागरिकों में पांच भारतीय थे। आज स्थिति यह है कि देश का हर आठवां व्यक्ति भारतीय मूल का है। 29 जून 1976 को ब्रिटेन से आजाद हुए इस देश की संस्कृति में भारतीयता की एक मजबूत छाप स्पष्ट दिखाई देती है।

पर्यटन और समुद्री संपदा बने आधार स्तंभ सेशेल्स की समृद्धि का सबसे बड़ा राज उसका पर्यटन और समुद्री संसाधन है। प्रतिवर्ष देश की कुल आबादी के मुकाबले तीन से चार गुना अधिक पर्यटक यहाँ आते हैं। इसके अलावा, समुद्री मछली और उसका निर्यात देश की विदेशी मुद्रा का मुख्य जरिया है। कुल घरेलू निर्यात का 90 फीसदी हिस्सा मत्स्य पालन से आता है, जिससे देश हर साल 30 से 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर कमाता है।

निवेश और अनुशासन का मॉडल सरकार ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कर प्रणाली में लचीलापन रखा और बैंकिंग सेवाओं को वैश्विक स्तर पर विकसित किया। विदेशी कंपनियों को सरल नियम और प्रोत्साहन देकर उन्होंने व्यापार को बढ़ावा दिया। साथ ही, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भारी निवेश ने कुशल मानव संसाधन तैयार किया, जिसने सेवा क्षेत्र को मजबूती दी।

चुनौतियां और भविष्य की राह इतनी प्रगति के बावजूद, सेशेल्स के सामने जलवायु परिवर्तन और पर्यटन पर अत्यधिक निर्भरता का खतरा हमेशा बना रहता है। हालांकि, प्रकृति और जैव-विविधता का संरक्षण करके उन्होंने अपनी समृद्धि को टिकाऊ बनाया है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच आर्थिक सहयोग, रक्षा और निवेश के नए द्वार खोलने वाला है। सेशेल्स का अनुभव बताता है कि सही नीतियों और बेहतर वित्तीय प्रबंधन से एक छोटा सा देश भी वैश्विक स्तर पर एक बड़ी आर्थिक ताकत बन सकता है।

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