मिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने खाड़ी क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को खत्म कर दिया है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों और हॉर्मुज स्ट्रेट में मालवाहक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद, हालिया युद्धविराम (Ceasefire) टूटने की कगार पर पहुँच गया है।
बहरीन और हॉर्मुज में बढ़ा तनाव शनिवार सुबह बहरीन के कई इलाकों को निशाना बनाकर ईरानी ड्रोन दागे गए। यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद गंभीर है क्योंकि बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) का हेडक्वार्टर स्थित है। इसी बीच, हॉर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने हॉर्मुज स्ट्रेट के लिए खतरे का स्तर बढ़ाकर सब्सटेंशियल (बेहद गंभीर) कर दिया है।
क्यों अहम है यह समुद्री रास्ता? हॉर्मुज स्ट्रेट दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। वैश्विक कच्चे तेल का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आने का खतरा बढ़ गया है। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे भारत जैसे देशों में महंगाई बढ़ना तय है।
टकराव की असली वजह क्या है? तनाव की शुरुआत गुरुवार को हॉर्मुज में हुए ड्रोन हमले से हुई, जिसके जवाब में शुक्रवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल स्टोरेज और रडार केंद्रों को निशाना बनाया। ईरान का तर्क है कि अमेरिका ने आपसी समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि ईरान लगातार उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा है।
ट्रम्प प्रशासन और भविष्य की राह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित 60 दिनों का युद्धविराम अब लगभग विफल होता दिख रहा है। समझौते के तहत ईरान को परमाणु वार्ता आगे बढ़ानी थी और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करनी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सख्त लहजे में कहा है कि हिंसा जारी रहने पर अमेरिका अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकिचाएगा।
फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश कूटनीति का सहारा लेंगे या फिर यह क्षेत्र एक बड़े युद्ध की आग में झुलस जाएगा। आने वाले दिन न केवल मिडिल ईस्ट, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साबित होंगे।
🚨 BREAKING:
— GBC (@GBC_Press) June 27, 2026
Iran has targeted U.S. Fifth Fleet sites in Bahrain with missiles and drones in response to a ceasefire violation.
Iran is not joking and confirms that future responses could be even stronger amid escalating tensions. pic.twitter.com/Pm83PyuDeU
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