यूरोपीय यूनियन (EU) की एक हाई-प्रोफाइल बैठक में बीते दिनों कुछ ऐसा हुआ, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोख्तारी लक्जमबर्ग में चल रही इस अहम बैठक में अपने तीन महीने के बेटे एडम को गोद में लेकर पहुंचीं। वैश्विक मंच पर मां और बच्चे की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
इतिहास की पहली घटना EU काउंसिल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पहला मौका था जब किसी EU मंत्री की बैठक में कोई बच्चा शामिल हुआ। रोमिना न केवल अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रही थीं, बल्कि उन्होंने एक ऐसी मिसाल कायम की, जिसे आधुनिक कार्यसंस्कृति के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
क्यों साथ लाईं बेटा? रोमिना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामने आने वाली उस दुविधा को खत्म करना था, जहां उन्हें करियर और परिवार में से किसी एक को चुनना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक आधुनिक समाज में महिलाओं को ये दोनों चीजें चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। इस काम में उनके पति का साथ भी बेहद जरूरी है, जो पुरानी रूढ़ियों को तोड़कर बच्चे की जिम्मेदारी साझा कर रहे हैं।
स्वीडन की पैरेंटल लीव पॉलिसी का दम रोमिना ने स्वीडन की उदार पैरेंटल लीव नीति की वकालत की। वहां माता-पिता को कुल 16 महीने की पेड लीव मिलती है। इसमें डैड मंथ्स का खास प्रावधान है, जिसके तहत पिता के लिए 90 दिन आरक्षित होते हैं। यदि पिता इन दिनों का उपयोग नहीं करते, तो वे दिन बेकार हो जाते हैं। यह नीति पिताओं को भी घर की जिम्मेदारी में बराबर का भागीदार बनाने के लिए प्रेरित करती है।
सहयोगियों का मिला साथ मीटिंग में मौजूद अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी इस कदम की सराहना की। पोलैंड के डिप्टी क्लाइमेट मिनिस्टर क्रिजिस्तोफ बोलेस्टा ने कहा, बच्चे का मीटिंग में होना कोई रुकावट नहीं है, यह तो जिंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा है।
सबसे कम उम्र की मंत्री का सफर रोमिना पोरमोख्तारी साल 2022 में मात्र 30 साल की उम्र में स्वीडन की मंत्री बनी थीं। वह उस समय देश के इतिहास की सबसे कम उम्र की मंत्री थीं। फिलहाल, रोमिना अपनी पैरेंटल लीव से लौटी हैं और उनके पति बच्चे की देखरेख के लिए लक्जमबर्ग तक उनके साथ आए हैं। रोमिना का यह संदेश साफ है—काम और पारिवारिक जिम्मेदारियां साथ-साथ चल सकती हैं, बस जरूरत है लचीली नीतियों और प्रगतिशील सोच की।
Swedish climate minister Romina Pourmokhtari brought her infant son to an EU council meeting in Luxembourg to highlight the benefits of parental leave policies https://t.co/0qkUofqt17 pic.twitter.com/7Ro5IIKlyd
— Reuters (@Reuters) June 25, 2026
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