भागलपुर की ऐतिहासिक लोक कला मंजूषा अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा रही है। सिल्क सिटी की यह अनूठी पहचान भोपाल के बाद अब कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी आकर्षण का केंद्र बनी है। भारतीय विद्या भवन के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित चित्र भारती राष्ट्रीय कार्यशाला में इस कला ने अपनी एक अलग छाप छोड़ी है।
13 राज्यों के कलाकारों के बीच दिखा मंजूषा का जादू 22 से 26 जून तक चली इस पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के 13 राज्यों से आए 50 शीर्ष कलाकारों ने हिस्सा लिया। राज्य पुरस्कार से सम्मानित कलाकार पवन कुमार सागर ने मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित के मार्गदर्शन में इस कला का प्रदर्शन किया। कैनवास पर उभरे मंजूषा के विशेष तीन रंगों—हरा, पीला और गुलाबी—ने वहां मौजूद कला विशेषज्ञों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बिहुला-विषहरी की गाथा का हुआ प्रसार इस कार्यशाला में केवल चित्रकारी ही नहीं, बल्कि भागलपुर की पौराणिक लोकगाथा बिहुला-विषहरी का भी व्यापक प्रचार किया गया। मंजूषा के माध्यम से इस लोककथा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर पवन कुमार सागर ने अंग क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को गौरवान्वित किया। इस आयोजन में बिहार से पद्मश्री अशोक कुमार विश्वास (टिकुली कला), सरवन पासवान (मधुबनी) और उर्मिला देवी (गोदना कला) ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
दक्षिण भारत में तेजी से फैल रहा मंजूषा का प्रभाव मंजूषा कला अब केवल बिहार तक सीमित नहीं है। कलाकार पवन कुमार सागर इसे दक्षिण भारत के राज्यों में विस्तारित करने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में उनके शिष्यों द्वारा इस कला को संवारा और प्रसारित किया जा रहा है। गुरु मनोज कुमार पंडित का मानना है कि मंजूषा अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बनाने की ओर तेजी से अग्रसर है।
कला का आधार: परंपरा और रंगों का महत्व मंजूषा कला का इतिहास कुम्हार और मालाकार समुदायों से जुड़ा है, जिन्होंने इसे सदियों से जीवित रखा है। इस कला की सबसे बड़ी विशेषता इसके तीन रंग हैं, जो गहरे अर्थ समेटे हुए हैं:
गौरतलब है कि हाल ही में भोपाल में आयोजित सदानीरा समाधान 2026 कार्यशाला में भी पवन कुमार सागर द्वारा प्रस्तुत मंजूषा कला ने देशभर के 67 विशेषज्ञों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।
*पटना से दिल्ली तक बड़ी छापेमारी! अधीक्षण अभियंता पवन कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रभाग की कार्रवाई जारी. 6 ठिकानों पर छापेमारी में अब तक 3.89 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है. पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली के ठिकाने जांच के दायरे… pic.twitter.com/IG7dvj3mFd
— Prabhat Khabar (@prabhatkhabar) June 24, 2026
केतन अग्रवाल मर्डर केस: शादी से इनकार पर प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर का अंत क्यों किया?
भागलपुर में सनसनी: प्रेमी की संदिग्ध मौत या सुनियोजित हत्या? खिड़की से कूदने की कहानी पर उठे सवाल
अब रिटायरमेंट के बाद नया घर ढूंढ रही SSB की जांबाज खोजी श्वान क्यूटी , ऐसे ले सकते हैं गोद
पुणे मर्डर: दोषी है तो बेटी को उसी जगह से धक्का दे दो, आरोपी सिया की मां का चौंकाने वाला बयान
वेलकम टू द जंगल: सिनेमा के पर्दे पर लौटा दूरदर्शन की महाभारत का स्वर्ण युग!
जन्मदिन का अनोखा विरोध: नाले में खड़े होकर काटा केक, स्मार्ट सिटी आगरा की खुली पोल
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: संजय राउत का बड़ा सवाल- शिवसेना की दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट कहां गई?
अयोध्या पर लांछन बर्दाश्त नहीं: राम मंदिर चंदा मामले में CM योगी की दो टूक, बोले- ‘सबका हिसाब होगा’
उज्जैन में मोहर्रम जुलूस का खौफनाक प्रदर्शन: 40 फीट हवा में लटकाई वैन, फिर किया बड़ा धमाका
खुशबू सुंदर की बेटी की शाही शादी: गोवा में सितारों का जमावड़ा, अनिल कपूर और चिरंजीवी ने बढ़ाई रौनक