ड्रैगन का नेपाल जाल : क्या चीन के 4-सूत्रीय एजेंडे में फंसकर संप्रभुता खो देगा हिमालयी देश?
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चीन दक्षिण एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए नई कूटनीतिक बिसात बिछा रहा है। अब उसकी नजरें भारत के पड़ोसी देश नेपाल पर टिकी हैं। हाल ही में चीन ने नेपाल के सामने एक 4-सूत्रीय रोडमैप पेश किया है, जिसके जरिए वह अपने विवादास्पद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को नेपाल की जमीन पर मजबूती से उतारना चाहता है।

चीनी राजदूत का नया ‘मैत्री’ संदेश

नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने एक स्थानीय अखबार में लिखे कॉलम के जरिए चीन की मंशा साफ कर दी है। राजदूत ने दावा किया है कि चीन नेपाल की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेपाल की जमीन का इस्तेमाल किसी भी हाल में चीन के हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।

क्या है चीन का 4-सूत्रीय ‘डेडली’ रोडमैप?

राजदूत झांग माओमिंग ने बीजिंग के इरादों को स्पष्ट करते हुए चार मुख्य स्तंभों का जिक्र किया है:

  1. कनेक्टिविटी का जाल: सीमा-पार परिवहन, बुनियादी ढांचे और हवाई संपर्क को जोड़ना, ताकि नेपाल पूरी तरह चीन पर लॉजिस्टिक्स के लिए निर्भर हो जाए।
  2. ऊर्जा पर पकड़: नेपाल के पावर ग्रिड और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारी निवेश करना, जो भविष्य में नेपाल की ऊर्जा सुरक्षा को चीन के नियंत्रण में ला सकता है।
  3. व्यापार और अनुकूल माहौल: द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के नाम पर नेपाल में चीनी कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल बनाना, जो स्थानीय नियमों को दरकिनार करने का जरिया बन सकता है।
  4. सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल: शिक्षा, युवा, प्रशासन और मीडिया के जरिए नेपाल के जनमानस में अपनी पैठ बनाना, ताकि चीन विरोधी किसी भी स्वर को दबाया जा सके।

क्या नेपाल संभल पाएगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह प्रस्ताव विकास के नाम पर कर्ज का जाल (Debt Trap) बिछाने की एक सोची-समझी रणनीति है। श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण सामने है, जहां चीनी निवेश ने देश की अर्थव्यवस्था और स्वायत्तता दोनों को गंभीर चोट पहुंचाई है।

नेपाल के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह विकास की जरूरतों और अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता के बीच संतुलन कैसे बिठाता है। क्या प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह चीन के इस ‘प्रलोभन’ को भांप पाएंगे, या नेपाल भी बीजिंग के कर्ज के दबाव में घुटने टेक देगा? यह आने वाला समय ही बताएगा।

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