क्या हमारी धरती के भीतर कोई खौफनाक बदलाव हो रहा है? गुरुवार का दिन भू-वैज्ञानिक इतिहास के पन्नों में एक डरावने अध्याय की तरह दर्ज हो गया। महज कुछ घंटों के भीतर दुनिया के तीन अलग-अलग महाद्वीपों—दक्षिण अमेरिका, एशिया और उत्तरी अमेरिका—में आए शक्तिशाली भूकंपों ने वैश्विक इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को हिलाकर रख दिया है।
इस त्रिकोणीय तबाही की शुरुआत वेनेज़ुएला के उत्तरी तट पर हुई, जहां एक दुर्लभ सिस्मिक डबलट (Doublet Earthquake) ने भारी तबाही मचाई। यहां एक ही टेक्टोनिक प्लेट बाउंड्री पर दो बड़े भूकंप एक के बाद एक आए।
पहला झटका 7.2 तीव्रता का था, जिसके ठीक 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और मुख्य प्रहार हुआ। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, राजधानी काराकास में स्थिति बेहद भयावह है। साइमन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट मलबे में तब्दील हो चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है। फिलहाल रेस्क्यू टीमें 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स के बीच मलबे में दबी जिंदगियों को बचाने की जंग लड़ रही हैं।
वेनेज़ुएला के बाद, प्रशांत महासागर के दूसरी ओर जापान का उत्तर-पूर्वी तट थर्रा उठा। यहां 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप रिकॉर्ड किया गया, जिसका केंद्र इवाते प्रीफेक्चर के पास जमीन से 50 किलोमीटर नीचे था।
आओमोरी प्रीफेक्चर में इसकी तीव्रता जापान के सिस्मिक स्केल पर 6-प्लस रही, जो इतनी भीषण थी कि वहां लोगों का जमीन पर खड़ा रह पाना भी नामुमकिन था। सुरक्षा के मद्देनजर बुलेट ट्रेन सेवा रोक दी गई और एक्सप्रेसवे बंद कर दिए गए। गनीमत रही कि न्यूक्लियर पावर प्लांट सुरक्षित रहे और सुनामी का कोई खतरा नहीं पैदा हुआ।
उधर अमेरिका के कैलिफोर्निया में भी रेडवुड वैली के पास 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि यहां कोई बड़ा नुकसान या मौत की तत्काल खबर नहीं है, लेकिन भूकंप के झटकों से दुकानों के सामान जमीन पर बिखर गए और अफरा-तफरी मच गई। गवर्नर गेविन न्यूज़ॉम के कार्यालय ने राज्य में तत्काल इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।
एक ही दिन में तीन महाद्वीपों में भूकंप आने से सोशल मीडिया पर वैश्विक विनाश की थ्योरी तेज़ी से फैल रही है। लोग इसे एक चेन रिएक्शन मान रहे हैं।
हालांकि, मशहूर सीस्मोलॉजिस्ट डॉ. लूसी जोन्स ने इसे महज एक इत्तेफाक बताया है। उन्होंने कहा, हज़ारों किलोमीटर दूर आने वाले भूकंप एक-दूसरे को ट्रिगर नहीं करते। ये तीनों भूकंप पूरी तरह से अलग-अलग फॉल्ट सिस्टम और टेक्टोनिक प्लेट बाउंड्री पर आए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जापान का रिंग ऑफ फायर में होना, वेनेज़ुएला का प्लेट सीमा पर होना और कैलिफोर्निया का सैन एंड्रियास फॉल्ट पर स्थित होना—ये सभी स्वतंत्र भू-वैज्ञानिक घटनाएं हैं, जिनका आपस में जुड़ा होना नामुमकिन है।
Immense damage seen to buildings across Venezuela’s capital of Caracas, following what now appears to have been a “double-event” 7.2 and 7.5 magnitude earthquake back-to-back near the coast in Northern Venezuela, according to the U.S. Geological Survey (USGS). pic.twitter.com/XoG2jSJMf2
— OSINTdefender (@sentdefender) June 24, 2026
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