व्हाइट हाउस में एक हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और NATO महासचिव मार्क रुटे के बीच तीखी बहस देखने को मिली। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहयोगियों की चुप्पी पर नाराजगी जताई, तो रुटे ने डेटा के साथ उन्हें आईना दिखा दिया।
ट्रंप की नाराजगी: हमें किसी के साथ की जरूरत नहीं थी ट्रंप ने ईरान के साथ हुई भिड़ंत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ही हफ्ते में अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह तबाह कर दिया था। उन्होंने शिकायती लहजे में कहा कि अमेरिका को किसी की सैन्य मदद की जरूरत नहीं थी, लेकिन एक सहयोगी के तौर पर वे चाहते थे कि यूरोपीय देश कम से कम उनके साथ खड़े होने का बयान तो देते।
सहयोगियों ने दिया जवाब : ट्रंप जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या यूरोपीय देशों ने समर्थन किया था, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया— नहीं। ट्रंप ने खुले तौर पर स्पेन, इटली, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये देश सुरक्षा के नाम पर अमेरिका पर निर्भर हैं और मुफ्त की सवारी का आनंद ले रहे हैं।
रुटे का पलटवार: 4 से 5 हजार उड़ानें गवाह हैं ट्रंप की खरी-खरी के बाद NATO महासचिव मार्क रुटे ने मोर्चा संभाला। उन्होंने ट्रंप को याद दिलाया कि ईरान के साथ छह सप्ताह चले संघर्ष के दौरान यूरोप ने क्या भूमिका निभाई। रुटे ने बताया कि यूरोप के सैन्य ठिकानों से 4,000 से 5,000 अमेरिकी विमानों ने उड़ान भरी थी।
बुखारेस्ट एयरपोर्ट का उदाहरण रुटे ने अपनी बात को साबित करने के लिए ठोस सबूत दिए। उन्होंने बताया कि रोमानिया के बुखारेस्ट एयरपोर्ट को आम उड़ानों के लिए बंद करना पड़ा था ताकि अमेरिकी सैन्य विमान बिना किसी बाधा के ऑपरेशन चला सकें। रुटे ने स्पष्ट किया कि कुछ घटनाओं से निराशा हो सकती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यूरोपीय सहयोगी पूरी तरह साथ खड़े थे।
यूरोप में अमेरिकी सैन्य दबदबा ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का बड़ा सैन्य बल यूरोप में तैनात है। उन्होंने जर्मनी का उदाहरण दिया, जहाँ करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका दुनिया भर में सुरक्षा का खर्च उठा रहा है, जबकि सहयोगी देश अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं। यह बहस साफ करती है कि ट्रंप और NATO के बीच का ट्रस्ट डेफिसिट अब तक खत्म नहीं हुआ है।
🚨 Thousands of US planes took off from Europe during war against Iran — Rutte tells Trump
— Sputnik (@SputnikInt) June 24, 2026
💬 “Four to five thousand US planes [were] taking off from bases in Europe in the six weeks this war took place, till the ceasefire took place mid-April,” NATO Secretary General Mark Rutte… pic.twitter.com/shFt8bb5qa
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