संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक में भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। चीन और पाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित एरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान, भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान के प्रति तीखे तेवर अपनाते हुए कश्मीर मुद्दे पर उसे पूरी तरह खारिज कर दिया।
संयुक्त राष्ट्र के पुराने आदेशों पर सवाल भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र के उन पुराने प्रस्तावों पर पुनर्विचार की मांग की जो दशकों पुराने और अप्रासंगिक हो चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा परिषद के सभी आदेशों को हमेशा के लिए प्रासंगिक नहीं माना जा सकता। समय के साथ बदली भू-राजनीतिक हकीकत के अनुसार इन तौर-तरीकों की समीक्षा आवश्यक है।
चैप्टर VI और VII के बीच का अंतर राजदूत हरीश ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्टर VI और VII की व्याख्या करते हुए कहा कि दोनों के उद्देश्य अलग हैं। जहां चैप्टर VII शांति के लिए खतरों और आक्रामकता से निपटता है, वहीं चैप्टर VI विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए है। उन्होंने तर्क दिया कि चैप्टर VI के तहत किए गए पुराने मध्यस्थता प्रस्ताव अब आज की जमीनी हकीकत का प्रतिनिधित्व नहीं करते और इन्हें लागू करना सही नहीं है।
पाकिस्तान को फटकार बैठक के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुराने प्रस्तावों का राग अलापने की कोशिश की। इस पर भारतीय राजदूत ने उसे मंच का राजनीतिकरण करने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि जो पक्ष सह-अध्यक्ष के रूप में निष्पक्ष रहने की जिम्मेदारी रखता है, वह बैठक के एजेंडे से हटकर ऐसे मुद्दे उठा रहा है जिनका चर्चा से कोई लेना-देना नहीं है।
कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है अपने संबोधन के अंत में भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया। राजदूत हरीश ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने दृढ़ता के साथ दोहराया, कश्मीर हमारा था, है और हमेशा रहेगा।
सुधार की वकालत भारत का यह बयान अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की उसकी निरंतर मांग का हिस्सा है। भारत का मानना है कि UN80 पहल के तहत सुरक्षा परिषद के पुराने आदेशों की भी कड़ी जांच-पड़ताल होनी चाहिए, ताकि यूएन के हस्तक्षेप व्यावहारिक और समकालीन वास्तविकता के अनुरूप बने रहें।
*#WATCH | Permanent Representative of India to the UN in New York, Ambassador Parvathaneni Harish says, ...India would like to emphasize that at a time when member states are undertaking mandate implementation review under the UN-80 framework, for all UN General Assembly mandates… pic.twitter.com/lM6gktBhxx
— ANI (@ANI) June 24, 2026
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