एशियाई खेलों से बाहर किए जाने पर मनिका बत्रा का आर-पार: रियायत नहीं, पारदर्शिता चाहिए
News Image

एशियाई खेलों की टीम में जगह न मिलने के बाद स्टार पैडलर मनिका बत्रा ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने उन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि वह टीम में शामिल होने के लिए दबाव बना रही हैं या किसी विशेष रियायत की मांग कर रही हैं। मनिका ने साफ किया है कि उनकी लड़ाई केवल जवाबदेही के लिए है।

फ़ैसले पर पारदर्शिता का सवाल खेल रत्न विजेता मनिका बत्रा ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें टीम से बाहर करने की कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है। मनिका ने इस फैसले को मनमाना करार देते हुए कहा कि वह जवाब चाहती हैं कि उन्हें किस आधार पर रिज़र्व खिलाड़ियों की सूची में डाला गया।

कानूनी रास्ता अपनाने की चेतावनी मनिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें चयन प्रक्रिया पर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलता, तो वह अपनी कानूनी टीम के जरिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेंगी। उनका कहना है कि हर खिलाड़ी चयन में पारदर्शिता और निरंतरता का हकदार है।

रैंकिंग और फॉर्म पर उठे सवाल वर्ल्ड रैंकिंग में 51वें स्थान पर होने के बावजूद मनिका ने अपनी योग्यता पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूछा कि रैंकिंग के आकलन के लिए किस समय-सीमा को मानक माना गया? उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा फॉर्म और हालिया प्रदर्शन, जिसमें उन्होंने चीन के शीर्ष खिलाड़ियों को हराया है, उसे नजरअंदाज करना गलत है।

चयन प्रक्रिया और वोटिंग पर पारदर्शिता का दबाव मनिका ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि एशियाई खेलों जैसे बड़े मंच के लिए चयन में वोटिंग प्रक्रिया का सहारा लिया गया। उन्होंने पैनल की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या वहां हितों के टकराव (Conflict of Interest) का ध्यान रखा गया था? साथ ही, उन्होंने अय्हिका मुखर्जी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किए जाने को भी खेदजनक बताया।

मनिका ने स्पष्ट किया कि 20 वर्षों का करियर उन्हें यह सिखाता है कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन बिना किसी पारदर्शी आधार के उन्हें बाहर करना खेल भावना के खिलाफ है। अब गेंद पूरी तरह से खेल प्रशासन के पाले में है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अब वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम से जाना जाएगा जबलपुर; एयरपोर्ट और चिड़ियाघर का होगा कायाकल्प

Story 1

अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद: 200 किलो चांदी दी, पर रसीद तक नहीं मिली

Story 1

ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी : 12 करोड़ का भारी नुकसान और क्या है मजबूरी?

Story 1

सहरसा: मेधा की चमक से महका प्रेक्षागृह, प्रतिभा सम्मान में सम्मानित हुए जिले के होनहार

Story 1

क्या खरगे परिवार ने की जमीन की लूट ? बीजेपी ने लगाए 100 करोड़ के घोटाले के आरोप

Story 1

सुबह का भूला शाम को घर लौटा : ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी पर अक्षर पटेल का बड़ा खुलासा

Story 1

घर वापसी पर ऋषभ पंत का आया फोन, लेकिन अक्षर पटेल ने नहीं उठाया! जानें क्या है पूरा मामला

Story 1

मधेपुरा सदर अस्पताल में ओपीडी सेवाओं का विस्तार: विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के साथ मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

Story 1

मेहरौली दरिंदगी: भागने की कोशिश में एनकाउंटर, अस्पताल में दर्द से चिल्लाया आरोपी

Story 1

मॉनसून की पहली ही बारिश ने खोली मुंबई की पोल, सड़कें बनीं तालाब