दिल्ली के लैंडफिल साइट्स पर बढ़ते कचरे के अंबार के बीच अब एक उम्मीद की किरण जगी है। राजधानी की कुछ ऐसी कॉलोनियां हैं जो जीरो-वेस्ट मॉडल पर काम कर रही हैं, जहां से बाहर कचरा नहीं भेजा जाता। इसी मॉडल को अब पूरे शहर में लागू करने की तैयारी है।
क्या है जीरो-वेस्ट कॉलोनी का मॉडल? जीरो-वेस्ट कॉलोनी का अर्थ है ऐसी जगह जहां कचरे का निपटान घर के स्तर पर या कॉलोनी के भीतर ही हो जाता है। यहां गीले कचरे को खाद में बदल दिया जाता है और सूखे कचरे को रिसाइकिल किया जाता है। नवजीवन विहार इसका बेहतरीन उदाहरण है, जिसने पिछले 8 वर्षों में 10 लाख किलो से ज्यादा कचरे को लैंडफिल तक पहुंचने से रोका है।
एलजी के कड़े निर्देश दिल्ली के उपराज्यपाल ने नगर निगम (MCD) को निर्देश दिए हैं कि शहर भर में, विशेषकर छोटी और अनधिकृत कॉलोनियों में इस मॉडल को विस्तारित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमित संसाधनों वाले इलाकों में रीयूज-रीसाइकिल (RRR) सेंटर और कम्पोस्टिंग यूनिट्स स्थापित करने के लिए कॉर्पोरेट घरानों की मदद (CSR फंड) ली जाए।
दिल्ली के आंकड़ों की चुनौती वर्तमान में दिल्ली हर दिन 11,862 टन कचरा पैदा करती है। इसमें से मात्र 63% कचरा ही प्रोसेस हो पाता है, बाकी लैंडफिल या सड़कों पर रह जाता है। अब सरकार का लक्ष्य है कि अगले एक साल में 100 नई कॉलोनियों को जीरो-वेस्ट में तब्दील किया जाए।
RWA को मिलेगा बड़ा इंसेंटिव इस अभियान को सफल बनाने के लिए निगम ने सहभागिता स्कीम के तहत बड़ा प्रोत्साहन रखा है। जो कॉलोनियां सोर्स पर ही कचरे को 100% अलग करेंगी, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स का 10% हिस्सा विकास कार्यों के लिए वापस मिलेगा। इसके अतिरिक्त, शत-प्रतिशत कचरा पृथक्करण पर 5% का अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।
अस्पतालों तक पहुंचेगा मिशन कचरा प्रबंधन केवल कॉलोनियों तक ही सीमित नहीं रहेगा। अब सरकार अपने इस प्लान को 9 प्रमुख अस्पतालों में भी लागू करने जा रही है, ताकि प्रतिदिन निकलने वाले 13,641 किलो बायोमेडिकल कचरे को अस्पताल परिसर में ही सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया जा सके। अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है।
Sharing a few more glimpses from today’s insightful visit to Navjeevan Vihar, Delhi.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) June 23, 2026
This exemplary community-driven initiative demonstrates how collective civic responsibility can create a cleaner, greener, and more sustainable urban environment. The residents’ commitment to… pic.twitter.com/blbEx3boVQ
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