महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर: शिंदे गुट में शामिल हुए उद्धव के 6 सांसद, ठाकरे ने बुलाई इमरजेंसी बैठक
News Image

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। शिवसेना (UBT) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसके 6 प्रमुख सांसद बागी होकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह हिला दिया है।

शिंदे का ऑपरेशन टाइगर सफल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर हुई एक बैठक के बाद 6 सांसदों ने औपचारिक रूप से शिंदे गुट का दामन थाम लिया। इन सांसदों में संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमराजे निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख और नागेश पाटिल शामिल हैं। शिंदे ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि आज मंच पर 6 टाइगर मौजूद हैं और अब उनके पास तीन संजय की ताकत है।

उद्धव का पलटवार: बागी क्षेत्रों में करेंगे सभाएं अपने ही सांसदों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने तत्काल अपने विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों की इमरजेंसी बैठक बुलाई। इस बैठक में आदित्य ठाकरे, अनिल परब और भास्कर जाधव जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे। उद्धव ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बागी सांसद के निर्वाचन क्षेत्र में वे खुद जाकर लोगों को बताएंगे कि इन नेताओं ने पार्टी और जनता के साथ कैसे धोखा किया है।

सिजेरियन सर्जरी की जरूरत: संजय राउत सांसदों की बगावत पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत बेहद आक्रामक दिखे। उन्होंने बागी सांसदों को गद्दार करार देते हुए कहा कि पार्टी को अब इस तरह के विकार को दूर करने के लिए सिजेरियन सर्जरी की जरूरत है। वहीं, पार्टी ने यह भी साफ किया कि ये लोग भले ही चले गए हों, लेकिन जमीनी स्तर पर शिवसैनिक अभी भी ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।

खुद को बताया असली शिवसेना केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने शिंदे गुट को असली शिवसेना बताया था, उद्धव ठाकरे ने तीखा पलटवार किया। ठाकरे ने कहा, मेरा मनोबल टूटा नहीं है। बाल ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना ही असली है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि जिस तरह से पार्टी को तोड़ने का काम किया गया है, वैसा कांग्रेस ने भी दशकों के संघर्ष के दौरान कभी नहीं किया।

जमीनी स्तर पर होगा मुकाबला राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र का सियासी पारा और चढ़ेगा। जहां शिंदे गुट इसे अपनी एकजुटता की जीत बता रहा है, वहीं उद्धव ठाकरे ने अब सीधे जनता के बीच जाकर गद्दारी का मुद्दा उठाने का फैसला किया है। मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों से पहले यह राजनीतिक रस्साकशी निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

वर्दी में सजी परबत्ता की बेटी: दीक्षांत समारोह में पिता ने पहनाई कैप, भावुक हुआ माहौल

Story 1

14 फीट का खूंखार कोबरा और रेस्क्यूअर की जांबाजी: मौत को करीब से देख सहम गई भीड़

Story 1

रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे पर निहंगों का कब्जा: क्या है विवाद और क्यों बुलाई गई सेना?

Story 1

क्या यूपी में होगा मुस्लिम सीएम? अखिलेश यादव के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती

Story 1

भगवान के हक पर डाका: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भड़के महंत धर्मदास, बोले- सजा तय करना नामुमकिन

Story 1

भोजपुर एनकाउंटर: मां ने डीएसपी पर लगाया गंभीर आरोप, कहा- बेटे को करीब से मारी गोली, अब फांसी चाहिए

Story 1

बहन मेरी भी है, फिक्र मत करो : कैब ड्राइवर के इस वादे ने इंटरनेट पर जीता सबका दिल

Story 1

हमारे पास अब तीन संजय, किसी और की जरूरत नहीं , उद्धव को बड़ा झटका देकर शिंदे गुट में शामिल हुए 6 सांसद

Story 1

बीच सड़क पर युवती का हाथ पकड़कर खींचता रहा युवक, तमाशबीन बने रहे लोग; वीडियो वायरल

Story 1

क्या पिता ने ही की अपने 3 साल के बेटे की हत्या? नेटफ्लिक्स पर आते ही छाई यह थ्रिलर सीरीज