मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित विशेष कमेटी ने 22 जून 2026 से भोपाल में अपना कार्य शुरू कर दिया है। राज्य सरकार अब इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
कौन हैं न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई? न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई का करियर कानून के क्षेत्र में अत्यंत प्रभावशाली रहा है। 30 अक्टूबर 1949 को जन्मीं न्यायमूर्ति देसाई के पिता एसजी सामंत एक जाने-माने आपराधिक वकील थे, जिनसे उन्हें कानून की बारीकियां सीखने को मिलीं। 1973 में वकालत शुरू करने के बाद, उन्होंने सरकारी वकील के रूप में लंबा सफर तय किया।
15 अप्रैल 1996 को वह बॉम्बे हाईकोर्ट की न्यायाधीश बनीं। उनकी मेहनत और कानूनी दक्षता के चलते 13 सितंबर 2011 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। 2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी सुधारों और समितियों का नेतृत्व कर रही हैं।
कैसे तैयार होगा UCC का ड्राफ्ट? कमेटी का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों की राय लेकर एक समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है। इसके लिए:
भाजपा बनाम कांग्रेस: UCC पर सियासी पारा चढ़ा UCC को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे केवल ध्यान भटकाने वाला प्रोपेगेंडा बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सवाल उठाया है कि क्या UCC के जरिए आदिवासियों की सदियों पुरानी परंपराओं के साथ छेड़छाड़ होगी। उन्होंने कहा कि पहले उन राज्यों के परिणामों पर चर्चा हो जहां यह लागू हो चुका है।
वहीं, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस के विरोध को खारिज किया है। उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस के पास कोई सुझाव है, तो वे प्रशासनिक अकादमी जाकर अधिकारियों को दे सकते हैं। UCC का मकसद किसी को नुकसान पहुँचाना नहीं है, आदिवासियों को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी।
अगला कदम क्या होगा? कमेटी की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर सरकार आगामी मानसून सत्र में UCC से संबंधित बिल पेश करने की तैयारी में है। देखना होगा कि राज्य सरकार आदिवासियों की विशिष्ट परंपराओं और सामाजिक ढांचे को बचाते हुए इस कानून को कैसे धरातल पर उतारती है।
*#WATCH | Bhopal | Madhya Pradesh Congress President Jitu Patwari says, UCC is a propaganda of the government in the context of Madhya Pradesh… Passing UCC in the states is to divert people s attention... This law is part of a plan to divert attention from inflation, employment… pic.twitter.com/crHRmkhumG
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 22, 2026
उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका: शिवसेना (UBT) के 6 सांसद आज थामेंगे एकनाथ शिंदे का हाथ
भारत-आयरलैंड T20 सीरीज पर सस्पेंस खत्म: क्या बेलफास्ट में होगी जंग? क्रिकेट बोर्ड ने दिया फाइनल जवाब
NEET Re-exam पेपर लीक का दावा निकला फर्जी, NTA ने जारी की चेतावनी
चैंपियन भारतीय महिला हॉकी टीम की घर वापसी, बेंगलुरु में भव्य स्वागत की तैयारी
मैंने बहुत 50 ओवर क्रिकेट खेला है : वैभव सूर्यवंशी ने आलोचकों को दिया करारा जवाब
नगरासू गुरुद्वारा विवाद: न कब्जा, न बंधक; चारधाम यात्रा पर नहीं कोई असर
जिम में वर्कआउट के दौरान SOG अफसर की मौत, क्या आपकी फिटनेस रूटीन है जोखिम भरी?
क्या विराट कोहली फिर कभी टेस्ट जर्सी में दिखेंगे? किंग कोहली ने दिया दो टूक जवाब
अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है - श्रीनगर में LG से मुलाकात के बाद शशि थरूर की नई राह
मानसून का दोहरा बर्ताव : कहीं रेगिस्तान में बाढ़, तो कहीं मुंबई प्यासी; आखिर हो क्या रहा है?