चीन का अदृश्य ब्रह्मास्त्र : पहली बार सामने आया DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल का लाइव महाविनाश
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काले घने बादलों को चीरती गड़गड़ाहट और गोबी मरुस्थल की रेतीली जमीन को दहला देने वाला एक आसमानी बवंडर। चीन ने अपनी सबसे गुप्त और घातक हाइपरसोनिक मिसाइल डोंगफेंग-17 (DF-17) के लाइव लॉन्च का वीडियो जारी कर दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। बीजिंग से वाशिंगटन तक मची इस खलबली के पीछे की वजह इस मिसाइल की अजेय क्षमता है।

पलक झपकते ही दुश्मन का खात्मा

हवा की रफ्तार से 10 गुना तेज भागने वाली DF-17 कोई मामूली मिसाइल नहीं है। यह अंतरिक्ष की असीम ऊंचाइयों में जाने के बाद सांप की तरह रास्ता बदलते हुए (Zig-Zag) अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती है। इसकी यही अनप्रेडिक्टेबल मूवमेंट इसे दुनिया के सबसे उन्नत रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी अदृश्य बना देती है।

DF-17 की तकनीकी ताकत

क्यों गेम चेंजर है यह मिसाइल?

रक्षा विशेषज्ञ इसे कैरियर किलर (Carrier Killer) कहते हैं। अमेरिकी नौसेना की ताकत प्रशांत महासागर में तैरने वाले उसके विमानवाहक पोत हैं। DF-17 अपनी अचूक सटीकता से समुद्र में चलते हुए इन विशाल युद्धपोतों को डुबोने की क्षमता रखती है। यह वीडियो जारी कर चीन ने सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी है कि ताइवान या दक्षिण चीन सागर के विवादों में दखल देना अब महंगा पड़ सकता है।

क्या अमेरिका का डिफेंस सिस्टम इसे रोक सकता है?

अमेरिकी पैट्रियट (Patriot) और थाड (THAAD) मिसाइल सिस्टम का सिद्धांत बैलिस्टिक मिसाइलों के तय रास्ते को ट्रैक करना है। चूंकि DF-17 का हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल हवा में अपनी दिशा बदल सकता है, इसलिए मौजूदा तकनीकी ढांचे के लिए इसे मार गिराना लगभग असंभव है।

हालांकि, चीन ने अब तक इस मिसाइल का उपयोग किसी वास्तविक युद्ध में नहीं किया है। यह प्रदर्शन महज एक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, जो यह दर्शाता है कि भविष्य के युद्ध (Future Warfare) अब पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि ऐसी अदृश्य तकनीक से लड़े जाएंगे जो दुश्मन को संभलने का मौका भी नहीं देगी।

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