कभी सुकून और राहत का पर्याय रहा मानसून अब देश के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो एल नीनो (El Niño) के बढ़ते असर के कारण इस बार बारिश की कमी न केवल खेतों में फसल को प्रभावित करेगी, बल्कि आपकी जेब पर भी बड़ा डाका डालने के लिए तैयार है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल सामान्य से काफी कम, यानी महज 90 प्रतिशत बारिश का अनुमान लगाया है। पिछले एक दशक से लगातार घटती बारिश और भीषण लू ने भारतीय कृषि और बिजली ग्रिड पर भारी दबाव बना दिया है। आंकड़ों के अनुसार, 2015 के बाद यह सबसे कमजोर मानसून साबित हो सकता है, जिससे खाद्य सुरक्षा का संकट गहराने की आशंका है।
एल नीनो प्रशांत महासागर की एक ऐसी प्राकृतिक घटना है, जिसमें वहां के सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। इसके कारण गर्म हवाओं का चक्र बिगड़ जाता है, जो एशिया (विशेषकर भारत) की ओर आने वाली नमी युक्त हवाओं को कमजोर कर देता है। ऐतिहासिक रूप से, भारत में एल नीनो वाले वर्षों में सूखे या कमजोर मानसून की प्रबल संभावना रहती है।
मानसून की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। जून के शुरुआती पखवाड़े में देश में सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई है। मध्य भारत में बारिश की कमी 67% तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु जैसे कृषि प्रधान राज्यों सहित कुल 12 राज्य इस स्थिति से गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे पैदावार में भारी गिरावट तय मानी जा रही है।
मानसून की बेरुखी का सीधा असर मंडियों में दिखना शुरू हो गया है। भीषण गर्मी और कम बारिश के कारण टमाटर, मिर्च और गोभी जैसी सब्जियों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। एसबीआई रिसर्च की मानें तो आने वाले समय में टमाटर के दाम आसमान छू सकते हैं। खाद्य तेल, मसाले और अन्य जरूरी सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी का घर चलाना मुश्किल हो जाएगा।
इस संभावित खाद्य मुद्रास्फीति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया गया है। यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो इसका सीधा असर आम जनता की बचत और बैंक ब्याज दरों पर पड़ना निश्चित है।
क्या यह बस गर्मी का एक दौर है या जलवायु परिवर्तन का एक स्थायी संकट? यह तो वक्त बताएगा, लेकिन आपकी रसोई का बजट इस बार एल नीनो की भेंट चढ़ता दिख रहा है।
IMD Weather Warning !
— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 21, 2026
Very heavy to extremely Heavy rainfall likely over northeast India till 25th and over Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim till 22nd June. 2026.
Stay updated with official weather forecasts and follow local advisories. #IMD #WeatherWarning #HeavyRainfall… pic.twitter.com/c8lf1fxNw9
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