ऊंची इमारतों में आग लगने पर जीवन रक्षक बनेगा दिल्ली के स्टार्टअप का ये अनोखा सिस्टम
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जबरदस्त शहरीकरण के दौर में बड़े शहरों में ऊंची इमारतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लेकिन, इन गगनचुंबी इमारतों में आग जैसी आपात स्थिति एक बड़ा खतरा बनी हुई है। लिफ्ट का बंद होना और सीढ़ियों का धुएं से भर जाना लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है। इस गंभीर समस्या का समाधान खोजने के लिए दिल्ली के एक स्टार्टअप ने एक क्रांतिकारी बालकनी एस्केप सिस्टम तैयार किया है।

दिल्ली के स्टार्टअप का कमाल दिल्ली स्थित सेफ्टी स्टार्टअप Safe Skydrop ने भारत का पहला CE-प्रमाणित पर्सनल वर्टिकल एग्रेस डिवाइस पेश किया है। सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति सुरक्षित तरीके से बालकनी से जमीन तक उतरता हुआ दिखाई दे रहा है। यह सिस्टम खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है जो ऊंची इमारतों में रहते हैं और आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित निकालना चाहते हैं।

बिना बिजली के काम करने में सक्षम इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके संचालन के लिए बिजली या बैटरी की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। इसे बालकनी की दीवार पर स्थायी रूप से इंस्टॉल किया जाता है। आपातकाल के समय, व्यक्ति को बस यूनिट खोलकर सेफ्टी हार्नेस पहनना होता है। इसके बाद सिस्टम अपने आप नियंत्रित गति से व्यक्ति को सुरक्षित नीचे उतार देता है।

बच्चों और पूरे परिवार के लिए सुरक्षित कंपनी ने इसे परिवारों को ध्यान में रखकर बनाया है। इसमें बच्चों के लिए विशेष सुरक्षा हार्नेस भी उपलब्ध हैं। एक ही केबल के जरिए परिवार के कई सदस्य बारी-बारी से नीचे उतर सकते हैं। यह सिस्टम 99 मीटर यानी लगभग 30 से अधिक मंजिलों की ऊंचाई तक के लिए प्रभावी है। इसके अतिरिक्त, कंपनी खरीदारों को उचित प्रशिक्षण और समय-समय पर डिवाइस का निरीक्षण भी प्रदान करती है।

सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसकी तकनीक की सराहना कर रहे हैं, वहीं कई यूजर्स सुरक्षा को लेकर सवाल भी पूछ रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि क्या कंपनी 14वीं मंजिल से इसका रियल-टाइम डेमो दिखा सकती है? वहीं, कई लोगों ने यह भी मांग की है कि परिवार के साथ मिलकर मल्टीपल जंप का लाइव टेस्ट दिखाया जाए ताकि इसकी विश्वसनीयता पर भरोसा किया जा सके।

बहरहाल, बचाव दल की मदद का इंतजार करने के बजाय, यह सिस्टम लोगों को खुद का बचाव करने का एक सशक्त विकल्प प्रदान करता है।

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