‘AI मतलब ऑल इनक्लूसिव’: पेरिस से PM मोदी ने दुनिया को दिया तकनीक का नया मंत्र
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पेरिस में आयोजित यूरोप के सबसे बड़े टेक्नॉलजी सम्मेलन विवाटेक 2026 (VivaTech 2026) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अर्थ ऑल इनक्लूसिव (सभी को साथ लेकर चलना) है।

तकनीक पर वैश्विक प्रतिबंधों के बीच नया रुख प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया में AI मॉडल्स तक पहुंच को लेकर बहस छिड़ी है। हाल ही में अमेरिकी प्रशासन के निर्देशों के बाद एंथ्रोपिक कंपनी ने अपने उन्नत मॉडल फेबल 5 और मिथोस 5 को विदेशी नागरिकों के लिए बंद कर दिया है। इस संदर्भ में मोदी का सभी को साथ लेकर चलने का विचार तकनीक के दायरे को व्यापक बनाने की वकालत करता है।

तकनीक का लाभ अंतिम व्यक्ति तक हो पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक केवल नवाचार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसकी पहुंच समाज के हर वर्ग तक होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि AI का उपयोग लोगों का जीवन बेहतर बनाने, आर्थिक विकास को गति देने और पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए किया जाना चाहिए।

भारत: दुनिया की डिजिटल महाशक्ति प्रधानमंत्री ने गर्व से बताया कि भारत आज दुनिया की डिजिटल ताकत बन चुका है। उन्होंने कहा कि वैश्विक डिजिटल लेनदेन का लगभग आधा हिस्सा भारत में हो रहा है। देश की डिजिटल पहचान प्रणाली और भुगतान प्लेटफॉर्म ने वित्तीय समावेशन, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में बड़ी क्रांति ला दी है।

2 लाख स्टार्टअप्स का गवाह बना भारत मोदी ने बताया कि भारत में अब 2 लाख से अधिक स्टार्टअप्स हैं, जो देश को दुनिया का सबसे जीवंत इनोवेशन इकोसिस्टम बनाते हैं। उन्होंने विवाटेक में भारत के पविलियन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 3डी-प्रिंटेड रॉकेट इंजन से लेकर कैंसर के निदान वाले AI समाधान और स्वायत्त रोबोट तक, भारत की तकनीकी क्षमता की झलक देखने को मिलती है।

निवेशकों को भारत आने का निमंत्रण प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को भारत आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार नियमों को सरल बना रही है। इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भारत 50 अरब डॉलर से अधिक का प्रोत्साहन दे रहा है। साथ ही, दुनिया में सबसे सस्ता डेटा और हरित ऊर्जा भारत को निवेश के लिए सबसे आकर्षक केंद्र बनाती है।

ग्लोबल पार्टनरशिप का आह्वान अंत में, पीएम मोदी ने दुनिया भर की इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स से हाथ मिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाएं मुहैया कराएगी और निजी क्षेत्र इनोवेशन करेगा, ताकि ऐसी तकनीक विकसित हो सके जिसका लाभ पूरी मानवता को मिल सके। इस वर्ष विवाटेक में भारत ने अपना अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पविलियन स्थापित किया है।

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