वॉशिंगटन और तेहरान के बीच 108 दिनों तक चले विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए हुए इस्लामाबाद समझौते (MoU) ने दुनिया को राहत की सांस दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और प्रतिबंधों में ढील की चर्चा के बीच, इस डील के एक गुप्त सैन्य प्रावधान ने हड़कंप मचा दिया है। यह मुद्दा है ईरान के 440.9 किलोग्राम के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम (HEU) का भविष्य।
जून 2025 में हुए हवाई हमलों से पहले, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने खुलासा किया था कि ईरान के पास 60 प्रतिशत तक समृद्ध यूरेनियम का भंडार है। परमाणु हथियारों के लिए 90 प्रतिशत संवर्धन की आवश्यकता होती है। यह भंडार नागरिक उपयोग की सीमा से बहुत ऊपर और सीधे परमाणु बम बनाने की दहलीज पर था, जिसे नष्ट करना अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
समझौते के अनुसार, ईरान अपने यूरेनियम को डाउनब्लेंड करने यानी इसे कमजोर करने पर सहमत हो गया है। इसे अंजाम देने के लिए दो विकल्पों पर मंथन जारी है: पहला, ईरान की परमाणु साइटों पर ही अंतरराष्ट्रीय निगरानी में इसे निष्क्रिय करना; दूसरा, पूरे जखीरे को किसी तीसरे सुरक्षित देश में स्थानांतरित करना। यह फैसला ईरान की परमाणु क्षमता के भविष्य की दिशा तय करेगा।
यह समझौता वर्ष 2015 के JCPOA से कहीं अधिक व्यापक है। जहां पिछली डील में केवल कुछ आर्थिक राहत थी, वहीं इस बार ईरान पर लगे सभी अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को हटाने का खाका तैयार है। इसके बदले तेहरान ने परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने की शपथ ली है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मध्यस्थता से हुई इस डील के तहत ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 300 बिलियन डॉलर का विशाल वित्तीय पैकेज मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लेबनान पर इजराइली हमलों के बीच इस समझौते का टिकना बड़ी चुनौती है।
इस समझौते की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी समय-सीमा है। यह डील केवल 60 दिनों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध और टोल-फ्री आवाजाही की गारंटी देती है। यदि अगले दो महीनों में यूरेनियम निशस्त्रीकरण और प्रतिबंधों की अंतिम समय-सारणी पर सहमति नहीं बनी, तो यह महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन फिर से बंद हो सकती है, जिससे मिडिल ईस्ट एक बार फिर युद्ध की आग में झुलस सकता है।
In the Palace of Versailles… Trump and Pezeshkian Sign an Electronic Peace to End an Unfinished War
— mahmoud khalil (@sahel2212) June 18, 2026
•A diplomatic dinner in historic surroundings concludes with a signature that redraws the map of tension in the Middle East.
Mahmoud khalil
On a night at the majestic Palace… pic.twitter.com/OIxvrZgpgK
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