अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता: 14 पॉइंट्स में समझिए क्या बदलेगा?
News Image

पश्चिम एशिया में जारी लंबे तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान ने एक शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह समझौता वर्साय पैलेस में आयोजित एक रात्रिभोज के दौरान संपन्न हुआ, जो दशकों से चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

शांति की ओर बड़ा कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा समझौते के मसौदे पर हस्ताक्षर करने की पुष्टि के बाद, ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी आधिकारिक मोहर लगा दी है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के प्रमुखों की सहमति से अंतिम रूप ले चुका है। अब दुनिया की नजरें इसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

युद्धविराम और लेबनान पर फोकस इस 14-सूत्रीय समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को स्थायी रूप से समाप्त करना है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने और एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने का संकल्प लिया है। इससे क्षेत्र में जारी तनावपूर्ण माहौल के शांत होने की उम्मीद जगी है।

होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, आर्थिक नाकाबंदी हटेगी समझौते के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म करेगा। इसके बदले में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित और बाधा-मुक्त मार्ग सुनिश्चित करेगा। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

ईरान को 300 अरब डॉलर की मदद अमेरिका ने ईरान के आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की एक बड़ी योजना तैयार करने का वादा किया है। साथ ही, ट्रंप प्रशासन ईरान पर लगाए गए सभी प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें बैंकिंग, बीमा और पेट्रोलियम निर्यात से जुड़ी पाबंदियां शामिल हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर यथास्थिति का फॉर्मूला समझौते के तहत ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं करेगा, जबकि अमेरिका किसी भी नए प्रतिबंध को लागू नहीं करेगा और क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बल तैनात नहीं करेगा। संवर्धित यूरेनियम को आईएईए की देखरेख में नष्ट किया जाएगा।

जब्त संपत्तियां होंगी बहाल समझौते की शर्तों के अनुसार, अमेरिका ईरान की उन संपत्तियों और फंड को वापस करेगा जिन्हें अब तक जब्त या फ्रीज किया गया था। यह कदम ईरान को बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुख्यधारा में लौटने में मदद करेगा। इस पूरे समझौते की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र (Executive Mechanism) भी स्थापित किया जाएगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

2019 में उद्धव ने की बड़ी गलती , अठावले का तंज, कहा- बीजेपी के साथ होते तो आज यह दिन न देखना पड़ता

Story 1

ममता बनर्जी के पास अभी भी बचा है ये तुरुप का इक्का , क्या बगावत को कुचलकर पलट देंगी बाजी?

Story 1

फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप: समुद्र पीछे हटने से बाहर आए कोरल रीफ, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

Story 1

स्मृति मंधाना का ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिसे आज तक नहीं छू सका पुरुष क्रिकेट का कोई भी दिग्गज!

Story 1

अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता: ट्रंप और पेजेश्कियान ने खत्म की दुश्मनी

Story 1

पेड्डी का बॉक्स ऑफिस धमाका: दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए मेकर्स का मास्टर स्ट्रोक

Story 1

होर्मुज खुला, $300 अरब का फंड और परमाणु हथियारों पर बैन! US-ईरान डील का पूरा मसौदा

Story 1

टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को बड़ा झटका, स्टार खिलाड़ी स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर

Story 1

16 महीने बाद शानदार वापसी, अब वर्ल्ड कप में किस्मत ने दिया दगा; स्ट्रेचर पर बाहर हुईं श्रेयंका पाटिल

Story 1

खान सर वर्सेस रौशन आनंद विवाद: अलख पांडेय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- दोषी को फांसी पर लटकाओ