पीएम मोदी के सामने हरीश साल्वे ने रखा था भारत इनोवेट्स 2026 का आइडिया, जानें कैसे बदल गई पूरी तस्वीर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में फ्रांस दौरे के दौरान भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन किया। यह आयोजन भारत की बढ़ती तकनीकी और नवाचार (इनोवेशन) शक्ति को वैश्विक मंच पर लाने की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इस पूरी योजना के सूत्रधार वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने इस पहल के पीछे की दिलचस्प कहानी साझा की है।

कैसे आया यह आइडिया? हरीश साल्वे ने बताया कि यह विचार उनके मन में IIT दिल्ली और IIT रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ काम करने के दौरान आया। वे कहते हैं, मैं आईआईटी में हो रहे नवाचारों को देखकर हैरान रह गया था। मैंने सोचा कि क्यों न सिर्फ आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्रों को जोड़कर फंड जुटाया जाए। लेकिन जब मैंने यह विचार प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखा, तो उन्होंने पूछा— केवल आईआईटी दिल्ली ही क्यों? बाकी सभी आईआईटी को इसमें क्यों नहीं शामिल किया जाता? इस तरह यह एक बड़े राष्ट्रीय विजन में बदल गया।

वैश्विक मंच मिला भारतीय स्टार्टअप्स को साल्वे के अनुसार, भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप हैं, जिनमें से 20,000 केवल डीप-टेक क्षेत्र में काम कर रहे हैं। फ्रांस में आयोजित इस कार्यक्रम में 120 चुनिंदा स्टार्टअप्स को शामिल किया गया। इनमें से एक भारतीय ड्रोन निर्माता ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को काफी प्रभावित किया, जिन्होंने तुरंत इन ड्रोन्स को खरीदने में रुचि दिखाई। साल्वे का मानना है कि भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक निवेशक उन पर भरोसा कर सकें।

फ्रांस के साथ मजबूत होते तकनीकी रिश्ते यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि सौदों की शुरुआत है। फ्रांस की बड़ी कंपनियों ने भारतीय आईआईटी विशेषज्ञों के साथ करार किए हैं। साल्वे ने बताया कि कैसे एक भारतीय स्टार्टअप का AI अब फ्रांस की विमान इंजन निर्माता कंपनियों के काम आ रहा है। उन्होंने कहा, लोग कहते हैं कि हम उनकी तकनीक पर निर्भर हैं, लेकिन अब उनके इंजनों में भारतीय AI का इस्तेमाल हो रहा है। यह भारत की सॉफ्ट पावर का असली प्रदर्शन है।

भारत की छिपी हुई क्षमता हरीश साल्वे ने दुख जताते हुए कहा कि दुनिया अब भी भारत को पूरी तरह से नहीं जानती। अक्सर भारत की छवि सिर्फ एक बड़े बाजार या व्यवसाय में कठिनाई वाले देश के रूप में पेश की जाती है। उन्होंने कहा, अगर भारत में 2 लाख स्टार्टअप खड़े हो सकते हैं, तो जाहिर है कि यहां काम करना आसान है। भारत इनोवेट्स 2026 का उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि भारत अब सिर्फ सामान खरीदने वाला बाज़ार नहीं, बल्कि तकनीक और समाधान देने वाला देश है।

भविष्य की नींव साल्वे ने बताया कि सीमेंट के कार्बन फुटप्रिंट को 40% कम करने से लेकर प्रदूषण सोखने वाले कपड़ों और हाई-टेक बुलेटप्रूफ जैकेट तक, भारतीय वैज्ञानिक अद्भुत काम कर रहे हैं। इस पहल के जरिए साल्वे हर साल 100-120 नए स्टार्टअप्स को दुनिया के सामने लाने का लक्ष्य रखते हैं, ताकि भारत के भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सके।

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