अखिलेश यादव की बेटी को लेकर घिनौनी साजिश: AI का इस्तेमाल कर वायरल की गई फर्जी दूल्हा-दुल्हन तस्वीर
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में मर्यादा की सभी सीमाएं तार-तार हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की 23 वर्षीय बेटी अदिति यादव को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर एक बेहद शर्मनाक अभियान चलाया जा रहा है। पहले उन्हें लेकर एक मनगढ़ंत और झूठी कहानी फैलाई गई, और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने की कोशिश की जा रही है।

नाइजीरिया वाली अफवाह के बाद डीपफेक का सहारा विवाद की शुरुआत भारत कुमार पटेल नामक फेसबुक आईडी से हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि अदिति यादव 7 करोड़ रुपये लेकर अपने नाइजीरियाई दोस्त के साथ भाग गई हैं। यह झूठ अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि ट्रोलर्स ने डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर अखिलेश यादव और उनकी बेटी की एक बेहद आपत्तिजनक दूल्हा-दुल्हन वाली फोटो वायरल कर दी। इस हरकत से सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश है।

अदिति यादव की असलियत: लंदन नहीं, दिल्ली में कर रही हैं पढ़ाई अदिति यादव के साथ पढ़ने वाले उनके बैचमेट आदर्श यादव ने इन अफवाहों की धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदिति न तो विदेश में हैं और न ही किसी विवाद का हिस्सा। वास्तव में, वह दिल्ली विश्वविद्यालय की लॉ फैकल्टी से कानून की पढ़ाई कर रही हैं। आदर्श के अनुसार, वे इन दिनों अपने सेमेस्टर एग्जाम में व्यस्त हैं और कैंपस में बेहद सादगीपूर्ण जीवन जीती हैं।

सीएम योगी की चेतावनी और सपा का पलटवार मामले के तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, बेटी, बेटी होती है और उसका सम्मान होना चाहिए। हालांकि, डिंपल यादव ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि यह सब भाजपा के लोगों की साजिश है ताकि सरकार अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटका सके।

कानूनी घेरे में आरोपी: पुलिस की कार्रवाई तेज समाजवादी पार्टी अब इस मामले में पूरी तरह कानूनी लड़ाई के मूड में है। कानपुर और प्रतापगढ़ में कई नामजद FIR दर्ज की गई हैं। कानपुर में भारत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव जैसे लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं, मामले को प्रयागराज कोर्ट तक ले जाया गया है, जहां आरोपियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजने की मांग की जा रही है।

तकनीक का खतरनाक चेहरा यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि कैसे AI और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि इन प्रौद्योगिकियों के दुरुपयोग पर कड़े कानून नहीं बने, तो यह किसी की भी निजी प्रतिष्ठा को पल भर में राख कर सकता है। फिलहाल, यूपी पुलिस के साइबर सेल के सामने इन असली चेहरों को बेनकाब करने की बड़ी चुनौती है।

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