ब्रेड और नमक से हुआ पीएम मोदी का भव्य स्वागत: जानिए स्लोवाकिया की इस अनूठी परंपरा का गहरा मतलब
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंचे हैं। राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचते ही विदेश मंत्री जुराय ब्लानार ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी को ब्रेड और नमक भेंट की गई, जो स्लोवाकिया की संस्कृति में सम्मान और आतिथ्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।

क्यों दिया जाता है ब्रेड और नमक? स्लोवाक परंपरा में ब्रेड को समृद्धि और स्वस्थ जीवन के पोषण का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है कि मेहमान के घर में हमेशा अन्न के भंडार भरे रहें। वहीं, नमक को सुरक्षा, वफादारी और अटूट दोस्ती का प्रतीक माना जाता है। प्राचीन काल में नमक कीमती होता था और इसका उपयोग भोजन को संरक्षित करने के लिए किया जाता था। मेहमान को नमक भेंट करने का भाव यह है कि दोनों देशों के बीच की दोस्ती हमेशा सुरक्षित और दीर्घकालिक बनी रहे।

ऐतिहासिक है यह दौरा स्लोवाकिया के 1993 में स्वतंत्र होने के बाद से यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पीएम मोदी इस दौरान वहां के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, नवाचार और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

प्रवासी भारतीयों में दिखा उत्साह स्लोवाकिया पहुंचते ही पीएम मोदी ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की। वहां रहने वाले करीब 9,200 भारतीय नागरिकों ने मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। ये भारतीय वहां मुख्य रूप से आईटी, तकनीकी क्षेत्रों और विकास केंद्रों में कार्यरत हैं।

आर्थिक साझेदारी की संभावनाएं स्लोवाकिया ऑटोमोबाइल हब के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहां वोक्सवैगन, किआ और जगुआर जैसी बड़ी कंपनियों की फैक्ट्रियां हैं। देश की जीडीपी में ऑटोमोबाइल क्षेत्र की 14 प्रतिशत हिस्सेदारी है। साल 2025 में भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार का आंकड़ा करीब 17,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था।

कामकाजी आबादी की कमी और भारत के लिए अवसर स्लोवाकिया में कामकाजी आबादी में हर साल 15 से 20 हजार लोगों की कमी देखी जा रही है, जिसके चलते वहां विदेशी कामगारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत वहां मोबाइल फोन, कपड़े, टेक्सटाइल और ऑटो पार्ट्स का निर्यात करता है, जबकि स्लोवाकिया से औद्योगिक मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का आयात किया जाता है।

फ्रांस के नीस से आए पीएम मोदी अब स्लोवाकिया के बाद 17 जून को फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।

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