ईरान-अमेरिका शांति समझौता: मिडिल ईस्ट में थमा जंग का शोर, होर्मुज जलडमरूमध्य होगा बहाल
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मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव और युद्ध पर विराम लग गया है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर मुहर लग गई है। इस कूटनीतिक सफलता की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के उप विदेश मंत्री ने कर दी है।

शांति की बड़ी पहल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। कतर और अन्य देशों की कूटनीतिक कोशिशें भी इस दिशा में मील का पत्थर साबित हुईं।

ब्रिटेन और फ्रांस का स्वागत ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इसे क्षेत्र में स्थिरता लाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वे इस समझौते के त्वरित कार्यान्वयन के पक्षधर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मिशन समुद्री यातायात को बिना किसी रुकावट के बहाल करने में सहयोग देगा।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर समझौते की खबर आते ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए एक बड़ी राहत है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि आगामी जी7 बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी ताकि समुद्री मार्ग को लंबे समय तक सुरक्षित और खुला रखा जा सके।

ईरान की आगे की रणनीति ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने बताया कि तेहरान में 15 घंटे की मैराथन बातचीत के बाद समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले 60 दिनों में अंतिम समझौते पर चर्चा होगी। इस दौरान ईरान की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने ऊपर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटवाना है।

शांति समझौते की 10 बड़ी बातें

  1. अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम पर सहमति।
  2. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल प्रभाव से बंद।
  3. होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के फिर से खोला जाएगा।
  4. पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाकर सफलता दिलाई।
  5. कच्चा तेल सस्ता हुआ, बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया।
  6. जी7 बैठक में समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर होगी विशेष चर्चा।
  7. अगले 60 दिनों में अंतिम समझौते पर विस्तृत बातचीत होगी।
  8. ईरान ने प्रतिबंध हटाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
  9. ब्रिटेन और फ्रांस ने शांति की बहाली के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का वादा किया।
  10. समुद्री यातायात को अतिरिक्त शुल्क या बाधाओं से मुक्त किया जाएगा।

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