अफगानिस्तान में महिलाओं के मौलिक अधिकारों के लिए जारी संघर्ष अब रक्तरंजित हो गया है। पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात शहर में बुर्का पहनने के अनिवार्य नियम और हालिया गिरफ्तारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर तालिबानी लड़ाकों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस क्रूर कार्रवाई में एक मासूम बच्चे समेत कम से कम दो लोगों की मौत हो गई है।
क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत तब हुई जब तालिबान की मोरैलिटी पुलिस ने उन महिलाओं को गिरफ्तार करना शुरू किया, जिन्होंने पूरे शरीर को ढकने वाला पारंपरिक बुर्का नहीं पहना था। तालिबान का कानून महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलते समय पूरा शरीर ढकना अनिवार्य बनाता है। कई महिलाएं बुर्के की जगह ढीला अबाया और स्कार्फ पहनती हैं, जिसे तालिबान अपने नियमों का उल्लंघन मानता है।
बंदूक की नोक पर प्रदर्शन का दमन मंगलवार को इस तानाशाही के विरोध में दर्जनों महिलाएं सड़कों पर उतरीं। शिक्षा, काम और आजादी का नारा लगा रही इन महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए तालिबानी सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया और सीधी गोलियां चला दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटनास्थल पर भगदड़ मच गई। हिंसा में 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
तालिबान का इनकार, संयुक्त राष्ट्र की कड़ी निंदा हालांकि स्थानीय तालिबानी पुलिस ने किसी भी तरह से हथियार इस्तेमाल करने से इनकार किया है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद (UNHRC) की रिपोर्ट हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। UN के 10 स्वतंत्र विशेषज्ञों के समूह ने इस घटना की तीखी निंदा की है। उन्होंने महिलाओं को ड्रेस कोड के नाम पर हिरासत में लेने को मनमानी और गैरकानूनी करार दिया है।
सुलगता अफगानिस्तान सत्ता में आने के बाद से तालिबान ने शिक्षा, रोजगार और अब पहनावे पर कड़े प्रतिबंध थोप दिए हैं। हेरात की यह घटना स्पष्ट करती है कि तालिबान अब विरोध की किसी भी आवाज को कुचलने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। गोलियों के बावजूद अफगानी महिलाओं का जज्बा यह दिखाता है कि दमन कितना ही गहरा क्यों न हो, आजादी की मांग थमने वाली नहीं है।
Afghan women being cracked down and arrested in public places for the violation of Taliban’s so-called dress code. The Taliban forces have opened fire at the protestors leaving them injured or dead. All they chanted was “Education, Work, Freedom”! #StandWithAfghanWomen pic.twitter.com/weio314yYI
— Zeinab (@ZMohammad92) June 12, 2026
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