12 जून 2025 की वह सुबह, जब अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 उड़ान भरने के महज 32 सेकंड बाद ही काल के गाल में समा गई थी। इस हादसे ने 242 यात्रियों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की जान ले ली। एक साल बाद आज भी उस मंजर की यादें लोगों के दिलों में सिहरन पैदा कर देती हैं।
सिसकियों के बीच याद किए गए अपने हादसे की पहली बरसी पर दुर्घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा था, जो परिजनों की सिसकियों से टूट रहा था। काजल पाटनी, जिन्होंने अपने भाई आकाश को खोया, बेहद गमगीन दिखीं। उन्होंने कहा, मेरा भाई चला गया, लेकिन उसकी यादें आज भी हमारे साथ हैं। मेरे बच्चे अपने मामा को बहुत याद करते हैं। यह एक ऐसा खालीपन है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।
हवाई यात्रा अब बनी डर का सबब इस विमान दुर्घटना ने यात्रियों के मानसपटल पर गहरा असर छोड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी नवजात बच्ची को थामे अनु चिक्कारा का कहना है कि अब विमान में मामूली टर्बुलेंस भी उन्हें बेचैन कर देती है। उन्होंने कहा, जब विमान हिलता है तो डर लगता है। मन में बस यही ख्याल आता है कि बच्चे को अभी पूरी दुनिया देखनी है।
अजीब डर ने बदल दी यात्रा की आदतें अहमदाबाद के डेविड क्रिश्चियन ने इस हादसे में अपने बेटे और बहू को खो दिया। वे बताते हैं कि अब उनका परिवार किसी भी अनहोनी से बचने के लिए एक साथ विमान में सफर करने से बचता है। वहीं, जयपुर के वैरेश शर्मा का परिवार अब लंबी दूरी के लिए हवाई जहाज के बजाय ट्रेन और बस को प्राथमिकता दे रहा है। उनका तर्क है कि सुरक्षा अब समय से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
वो मलाल जो कभी खत्म न होगा डेविड क्रिश्चियन की पत्नी सरला आज भी उस दर्द से उबर नहीं पाई हैं। वे कहती हैं, ऐसा लगता है जैसे मेरा बेटा अभी दरवाजा खोलकर घर के अंदर आ जाएगा। यह वह उम्मीद है जो हर उस परिवार के आंगन में है, जिसने इस हादसे में अपना कोई प्रिय खोया है।
अब उस जगह पर बनेगा मेडिकल हब हादसे में नष्ट हुई बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल और मेस की इमारतों को अब इतिहास बना दिया गया है। गुजरात सरकार ने टाटा ग्रुप के सहयोग से यहां 547 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मेडिकल हब बनाने की योजना बनाई है। इसमें पैराप्लेगिया अस्पताल और पुनर्वास केंद्र जैसी सुविधाएं होंगी।
एक साल बाद भी अहमदाबाद उस जख्म को भरने की कोशिश कर रहा है, जिसने न केवल इमारतों को ढहाया, बल्कि अनगिनत परिवारों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया। आज भी वहां की हवाओं में अपनों को खोने का दर्द साफ महसूस किया जा सकता है।
*#WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Kajal Patni, who lost her brother Aakash in the AI-171 plane crash on June 12, 2025, says, My brother is gone. It is deeply saddening, but what can one do? We miss him a lot. My children miss him a lot... pic.twitter.com/OchFxfMRfX
— ANI (@ANI) June 12, 2026
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