मनोज बाजपेयी की बहुप्रतीक्षित फिल्म गवर्नर: द साइलेंट सेवियर आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। चिन्मय मंडेलकर द्वारा निर्देशित यह फिल्म दर्शकों को 1990 के दशक के उस दौर में ले जाती है, जब भारत आर्थिक पतन की कगार पर खड़ा था। मेकर्स ने फिल्म को आम जनता तक पहुँचाने के लिए एक अनोखा कदम उठाते हुए टिकट की कीमत मात्र 50 रुपये रखी है।
क्या है कहानी? फिल्म आरबीआई के गवर्नर ए. रामानन (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है। जब देश खाड़ी युद्ध और विदेशी मुद्रा भंडार की भारी कमी के कारण गृहयुद्ध और अकाल के संकट से जूझ रहा होता है, तब रामानन को अप्रत्याशित रूप से इस पद पर नियुक्त किया जाता है। एक अर्थशास्त्री के रूप में उनकी साख पर सवाल उठते हैं, लेकिन वे गुप्त मिशन के जरिए देश को आर्थिक तबाही से बचाने की राह पर निकल पड़ते हैं।
किरदारों का दम मनोज बाजपेयी ने एक बार फिर साबित किया है कि वे किसी भी भूमिका को गहराई देने में माहिर हैं। वे एक ऐसे साइलेंट सेवियर के रूप में नजर आते हैं जो व्यवस्था के भीतर रहकर व्यवस्था को बदलना जानता है। अदा शर्मा ने एक खोजी पत्रकार की भूमिका निभाई है, जो कहानी में उत्सुकता पैदा करती है। फिल्म में नौशाद मोहम्मद कुंजु और मधु शाह जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
फिल्म के प्लस और माइनस फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका विषय है—भारत का आर्थिक इतिहास, जिस पर कम ही फिल्में बनी हैं। कुछ दृश्य बेहद मार्मिक हैं, जैसे ट्रैफिक सिग्नल पर कलम का दृश्य जो मानवीय संवेदनाओं को छूता है। हालांकि, फिल्म में तनाव (tension) को और अधिक प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा जा सकता था। पटकथा कहीं-कहीं थोड़ी ढीली पड़ती है, लेकिन मनोज बाजपेयी का अभिनय इसे खींच ले जाता है।
सोशल मीडिया पर चर्चा फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों की मिली-जुली लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स इसे जानकारीपूर्ण और प्रेरणादायक करार दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह फिल्म उन गुमनाम नायकों को पहचान दिलाने का प्रयास है जिन्हें इतिहास के पन्नों में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। विपुल अमृतलाल शाह के इस विजन की भी काफी तारीफ हो रही है।
क्या आपको देखनी चाहिए? यदि आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक इतिहास के अनकहे पहलुओं से रूबरू कराती हैं, तो गवर्नर आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। मनोज बाजपेयी का अभिनय इस फिल्म का मुख्य आकर्षण है। यह एक ऐसी फिल्म है जो आपको सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे एक नायक के सख्त फैसलों ने आज के वैश्विक भारत की नींव रखी।
#Governor feels like the kind of cinema that informs, inspires, and entertains at the same time. Based on crucial events that shaped India s economic future, it finally gives an unsung hero the spotlight he deserves. #ManojBajpayee s presence adds tremendous weight to the film,… pic.twitter.com/wkSQ43lw0I
— Sourabh Bakshi (@SourabhBakshi_) June 11, 2026
डॉ. सेजल पवार का एक और विवादित वीडियो वायरल, कॉलेज और बैचमेट्स पर की अभद्र टिप्पणी
फर्जी साइन मामला: अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, 6 घंटे की पूछताछ के बाद फिर तलब
बांग्लादेश में IFS नहीं, राजनेता बने उच्चायुक्त: भारत की नई कूटनीतिक चाल के मायने
भारत भाग्य विधाता का जलवा: कंगना रनौत की दमदार एक्टिंग और सच्ची कहानी ने दर्शकों का जीता दिल
ममता बनर्जी की मुसीबतें बढ़ीं: भड़काऊ भाषण मामले में पूर्व CM के खिलाफ FIR दर्ज
राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, नामांकन रद्द होने पर क्या बोले कांग्रेस नेता
अनाथ और बेसहारा बच्चों के लिए सरकार का सहारा: हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये, ऐसे उठाएं लाभ
भारतीय नाविकों की मौत पर ईरान का बड़ा हमला: अमेरिका को बताया समुद्री लुटेरा
FIFA वर्ल्ड कप 2026: ओपनिंग मैच बना रेड कार्ड का अखाड़ा, 9 खिलाड़ियों पर सिमटी साउथ अफ्रीका
शेर भी हुआ पस्त: नन्हे बच्चे को बचाने के लिए मां गैंडे ने दिखाई ऐसी बहादुरी