पुणे में सोनम वांगचुक का जोरदार आगमन लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पुणे पहुँच चुके हैं। सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (SPPU) का परिसर आज एक बड़े ऐतिहासिक आंदोलन का केंद्र बन गया है। वांगचुक ने सोशल मीडिया पर नमस्कार, कसं काय पुणे! कहकर शहरवासियों का दिल जीत लिया, जिससे छात्रों और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के साथ एकजुटता सोनम वांगचुक इस आंदोलन में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। यह गठबंधन देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं और आए दिन हो रहे पेपर लीक कांड के खिलाफ न्याय की मांग कर रहा है। वांगचुक ने वीडियो संदेश में कहा कि वे शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने और छात्रों की आवाज बनने के लिए यहां आए हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि परीक्षाओं में धांधली के कारण देश के एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य अंधकार में है। छात्रों का कहना है कि अब सिस्टम में बदलाव की नहीं, बल्कि पूरी तरह जवाबदेही तय करने की जरूरत है।
क्या है एजुकेशन मेनिफेस्टो ? इस आंदोलन के दौरान एक विशेष एजुकेशन मेनिफेस्टो जारी किया गया है। इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:
पुणे से दिल्ली तक का न्याय मार्च यह अभियान सिर्फ पुणे तक सीमित नहीं रहेगा। अभिजीत दीपके ने बताया कि यह कारवां जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से होता हुआ आगे बढ़ेगा। अंत में, 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इस आंदोलन का समापन होगा। वांगचुक और दीपके ने जोर देकर कहा है कि यह पूरा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में होगा।
फिलहाल, पुणे विश्वविद्यालय परिसर में जय महाराष्ट्र और जय हिंद के नारों के साथ छात्रों का हुजूम उमड़ पड़ा है। यह आंदोलन अब एक बड़ी क्रांति के संकेत दे रहा है, जो केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर सीधा प्रहार है।
*Pune, are you ready for the peaceful protest?@Wangchuk66 and @abhijeet_dipke are here to demand accountability and justice for students.
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 11, 2026
See you soon. Jai Maharashtra! pic.twitter.com/neowx80K6O
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