राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया का पटाक्षेप हो गया है। राज्य से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुन लिया गया है। रिटर्निंग अधिकारी ने तीनों प्रत्याशियों के निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
चुनाव की पृष्ठभूमि और बदलाव वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सांसद नीरज डांगी (कांग्रेस), राजेंद्र गहलोत (भाजपा) और रवनीत बिट्टू (भाजपा) का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। इन रिक्त होने वाली सीटों को भरने के लिए चुनाव कराए गए। इस बार भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए मौजूदा सांसदों के स्थान पर नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि कांग्रेस ने नीरज डांगी पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा मैदान में उतारा।
नामांकन प्रक्रिया रही निर्विघ्न इससे पहले 9 जून को विधानसभा परिसर में नामांकन पत्रों की गहन जांच की गई थी। निर्वाचन अधिकारी भरत भूषण शर्मा के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी नीरज डांगी के तीन, भाजपा की अलका गुर्जर के दो और सतीश पूनिया के चार नामांकन पत्र जांच में पूरी तरह वैध पाए गए थे। मैदान में केवल तीन ही उम्मीदवार होने के कारण मतदान की नौबत नहीं आई और तीनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाऊंगा : सतीश पूनिया निर्विरोध जीत के बाद भाजपा नेता सतीश पूनिया ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और गरिमा के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा, मैंने केवल शपथ नहीं ली है, बल्कि मैं उच्च सदन में पार्टी के विचारों को पूरी प्रखरता के साथ रखूंगा और जनहित के मुद्दों को तार्किक तरीके से उठाऊंगा।
राजनीति केवल नारों की नहीं, सरोकारों की भी है पूनिया ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने राजनीति की शुरुआत से ही इसे केवल वोट के साधन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों के माध्यम के रूप में देखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसद बनने के बाद भी उनकी प्राथमिकताएं वही रहेंगी, जिन पर वे छात्र राजनीति से काम करते आए हैं। इसमें रक्तदान, वृक्षारोपण और दिव्यांगों के कल्याण जैसे सामाजिक कार्य शामिल हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा जहां एक ओर राज्यसभा के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण संपन्न हुई, वहीं राजस्थान की सियासत में अन्य घटनाक्रम भी सुर्खियों में हैं। हाल ही में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बयानों और सचिन पायलट द्वारा अपने पिता की पुण्यतिथि पर दिए गए सियासी संदेश ने राज्य में नई चर्चाओं को जन्म दिया है, जिससे राजस्थान की राजनीति का पारा लगातार गर्म बना हुआ है।
VIDEO | Jaipur, Rajasthan: Rajya Sabha MP Satish Poonia says, “I accept this responsibility with full commitment and resolve... I have not merely taken an oath, but I will uphold it with full dignity and responsibility. As a member of the Upper House, I will strongly and… pic.twitter.com/BlFoBpPPNw
— Press Trust of India (@PTI_News) June 11, 2026
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राजस्थान राज्यसभा चुनाव: सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और नीरज डांगी निर्विरोध निर्वाचित
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