तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ता तनाव अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले 48 घंटों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इस तनातनी ने पूरे मिडिल ईस्ट में नए सिरे से दहशत पैदा कर दी है, जिससे वैश्विक बाजार और तेल की कीमतों पर भी सीधा असर पड़ रहा है।
ट्रंप की चेतावनी का ईरान ने दिया जवाब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को बहुत जोरदार हमले की चेतावनी दी थी। ट्रंप का यह गुस्सा एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद भड़का है। इसके जवाब में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने साफ कर दिया है कि ईरान न तो धमकियों से डरेगा और न ही दबाव में आकर किसी समझौते पर हस्ताक्षर करेगा।
मिडल ईस्ट में अमेरिकी अड्डों पर हमले ईरान ने 10 जून की रात जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने के लिए व्यापक एयरस्ट्राइक्स की थीं, जिसमें 49 टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं।
क्या शांति समझौते की उम्मीद खत्म? दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से युद्धविराम की चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन ताजा हमलों और सख्त बयानों ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। राजदूत इरावानी की यूएन में दी गई चेतावनी दर्शाती है कि ईरान अब पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक दोनों पक्ष अपनी शर्तों पर अड़े रहेंगे, तब तक किसी भी तरह के कूटनीतिक समझौते तक पहुंचना नामुमकिन सा लग रहा है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ती सैन्य गतिविधि ने वैश्विक तेल आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच यह ताजा खेल केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है, इसके परिणाम दुनिया भर को भुगतने पड़ सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा परिषद में भी इस तनाव को कम करने की कोई ठोस रणनीति दिखाई नहीं दे रही है। स्थिति अभी भी बेहद अस्थिर और तनावपूर्ण बनी हुई है।
🚨BREAKING: An IRGC command and control center has just been decimated by US strikes.
— Daniel Cohen (@DanielCohenTV) June 11, 2026
49 Tomahawk missiles had been fired by the United States along with bombing from fighter jets. Closest target to Tehran was approximately 40 miles outside of the city.
FINISH THE JOB🇺🇸🇮🇱 pic.twitter.com/SgMdTibsEQ
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