बिल गेट्स का खुलासा: जेफ्री एपस्टीन ब्लैकमेल कर रहा था मेरा निजी अफेयर
News Image

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति के सामने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। गेट्स ने स्वीकार किया है कि कुख्यात फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन उनके विवाहेतर संबंधों (Extramarital Affairs) की जानकारी का उपयोग उन्हें ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के लिए कर रहा था।

अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के सामने बंद कमरे में हुई सुनवाई के दौरान गेट्स ने लिखित बयान में यह बात कही। समिति इस मामले की जांच कर रही है कि न्याय विभाग ने एपस्टीन और उसके नेटवर्क से जुड़े मामलों को कैसे हैंडल किया था।

अफेयर और ब्लैकमेल का जाल

गेट्स ने बताया कि एपस्टीन उनके निजी जीवन की संवेदनशील जानकारियों और कई मनगढ़ंत झूठी बातों को मिलाकर उन पर दबाव डाल रहा था। उसका मकसद सिर्फ यह था कि बिल गेट्स किसी तरह फिर से उसके संपर्क में आ जाएं।

गेट्स ने स्पष्ट किया कि इन व्यक्तिगत संबंधों का एपस्टीन के साथ हुई उनकी व्यावसायिक मुलाकातों से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन इन खुलासों ने उनके निजी जीवन और परिवार को गहरी चोट पहुंचाई है।

मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती

एपस्टीन के साथ अपने संबंधों पर पछतावा जताते हुए बिल गेट्स ने इसे अपने निर्णय की एक गंभीर गलती बताया। उन्होंने कहा कि उनके काम में प्रतिष्ठा (Reputation) ही सबसे बड़ी पूंजी है और एपस्टीन से मिलना एक बड़ा जोखिम था, जिसने उनकी साख को प्रभावित किया।

हालांकि, गेट्स ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कभी एपस्टीन को किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त होते नहीं देखा और न ही वे खुद किसी गलत काम में शामिल रहे हैं।

2011 में शुरू हुआ था विवादित संपर्क

बिल गेट्स और जेफ्री एपस्टीन की बातचीत की शुरुआत साल 2011 में हुई थी, जबकि उस समय तक एपस्टीन कानूनी रूप से नाबालिगों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया जा चुका था।

गेट्स ने माना कि उन्होंने एपस्टीन के अतीत को लेकर उतनी सावधानी नहीं बरती जितनी बरतनी चाहिए थी। 2011 से 2014 के बीच दोनों के बीच कई बार मुलाकातें हुईं, जिसे अब गेट्स एक बड़ी भूल मानते हैं।

जांच अभी जारी है

अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी का लक्ष्य यह जानना है कि एपस्टीन जैसे अपराधी के साथ प्रभावशाली लोगों के संबंध किस हद तक थे और कानूनी एजेंसियों ने इस पर क्या रुख अपनाया था। बिल गेट्स से हुई यह पूछताछ मामले की गंभीरता को और बढ़ाती है।

फिलहाल, गेट्स के इस बयान ने उन दावों को और मजबूत कर दिया है कि एपस्टीन अपने नेटवर्क का इस्तेमाल प्रभावशाली लोगों को अपने कंट्रोल में रखने के लिए करता था। इस मामले में आने वाले समय में और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

शवों के प्राइवेट पार्ट्स का मजाक : कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में डॉक्टर की टिप्पणी पर मचा बवाल

Story 1

पीएम मोदी ने रचा इतिहास: सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित PM बने, बताया किसे मानते हैं अपना ईश्वर

Story 1

पुराने कपड़ों को मिलेगा नया जीवन: दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर शुरू होने जा रही अर्पण केंद्र सुविधा

Story 1

बैल मरा तो पत्नी बनी हल , लातूर के किसान परिवार की बदहाली देख जागा प्रशासन

Story 1

नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ इतिहास रचने पर गूंजी दुनिया, ट्रंप-नेतन्याहू समेत ग्लोबल लीडर्स ने दी पीएम मोदी को बधाई

Story 1

नन्हीं सी जान का बड़ा कारनामा: मम्मी के सोते ही बच्चे ने कही ऐसी बात कि लोग रह गए दंग

Story 1

दिल्ली: चाणक्यपुरी में तमिलनाडु हाउस में गैस लीक से आग, बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री

Story 1

होर्मुज में अमेरिकी हमले से 3 भारतीय नाविकों की मौत: क्या अब क्वाड और भारत-अमेरिका दोस्ती सिर्फ कागजी है?

Story 1

अमेरिकी टेक कंपनी ओपनडोर ने भारत से समेटा कारोबार, 250 कर्मचारियों की गई नौकरी

Story 1

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध: अमेरिका ने ईरान पर बरसाईं मिसाइलें, मीनाब-सिरीक समेत कई शहर दहले