मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर विस्फोटक हो गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब सीधी सैन्य जंग में बदल चुका है। अमेरिकी सेना ने तेहरान सहित ईरान के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल है।
अपाचे हेलिकॉप्टर का बदला यह सैन्य कार्रवाई ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद शुरू हुई है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त पलटवार की चेतावनी दी थी। बुधवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उन्होंने राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के ठिकानों पर सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) के तहत हमले किए हैं।
किन ठिकानों को बनाया निशाना? अमेरिकी हमलों में ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह से पंगु बनाने की कोशिश की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की मिलिट्री सर्विलांस क्षमता, संचार प्रणाली (Communication Systems) और एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया है। मीनाब और सिरीक जैसे कई इलाकों में देर रात तक धमाकों की गूंज सुनाई देती रही।
इमरजेंसी अलर्ट पर ईरान हमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरान के रेड क्रिसेंट ने देश भर के सभी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों को हाई अलर्ट पर रखा है। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इन हमलों की पुष्टि की है, जिससे साफ है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब और गहराने वाला है।
ट्रंप का बड़ा दावा इस तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। ट्रंप ने कहा, हमारी सेना दुनिया में सबसे मजबूत है। मैंने पाकिस्तान के कहने पर ईरान को कुछ राहत दी थी और उन्हें भारत के साथ परमाणु युद्ध करने से रोका था। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई सार्थक डील नहीं होती, तब तक अमेरिका के ये हमले जारी रहेंगे।
क्यों बिगड़े हालात? अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की लगातार जारी आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को दी जा रही धमकियों के जवाब में हैं। फिलहाल, मिडिल ईस्ट का आसमान मिसाइलों और युद्ध विमानों की गर्जना से भरा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
US Central Command (CENTCOM) forces complete additional self-defence strikes against multiple targets across Iran on June 10, following direction from the Commander in Chief.
— ANI (@ANI) June 11, 2026
The strikes come in response to continued aggression threatening US forces and international commercial… pic.twitter.com/GSI13QzSOf
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