मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की जंग अब नामांकन पत्रों से निकलकर सड़कों पर आ गई है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राज्य में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है।
निर्वाचन आयोग के गेट पर अनोखा विरोध बुधवार को भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता अपने साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ड्रेस लेकर पहुंचे और उसे कार्यालय के गेट पर टांग दिया।
खुलेआम पहनें ड्रेस और काम करें विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे यूथ कांग्रेस नेता अंकित दुबे ने तीखा हमला बोला। उन्होंने निर्वाचन आयोग के अधिकारियों पर भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना था, अगर अधिकारी वैचारिक दबाव में ही काम कर रहे हैं, तो वे यह ड्रेस पहनकर ही खुलकर काम क्यों नहीं करते?
संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर सवाल कांग्रेस का सीधा आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इसलिए तकनीकी आधार पर खारिज किया गया ताकि भाजपा निर्विरोध राज्यसभा सीटें जीत सके। पार्टी इसे संवैधानिक संस्थाओं पर वैचारिक कब्जे के रूप में देख रही है।
रातभर चला सियासी ड्रामा और उपवास नामांकन रद्द होने के बाद से ही भोपाल में हाई-वोल्टेज ड्रामा जारी है। मंगलवार रात नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कार्यालय के बाहर धरना दिया और सड़क पर लेटकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, बुधवार को रोशनपुरा चौराहे पर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सामूहिक उपवास किया, जिसमें दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी जैसे दिग्गज शामिल रहे।
भाजपा का पलटवार भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। भाजपा नेता डॉ. हितेश बाजपेयी ने इसे कांग्रेस का बौद्धिक दिवालियापन करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी संगठनात्मक विफलताओं और गलतियों को छिपाने के लिए स्तरहीन राजनीति कर रही है।
लोकतंत्र बनाम तकनीकी लड़ाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जनता को लिखे एक खुले पत्र में इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है। फिलहाल, मध्य प्रदेश का यह राज्यसभा चुनाव केवल वोटों का गणित नहीं, बल्कि संवैधानिक निष्पक्षता का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कानूनी दांव-पेच के जरिए मीनाक्षी नटराजन को कोई राहत मिलती है या भाजपा की राह पूरी तरह साफ हो जाती है।
*In a symbolic protest @INCIndia @INCMP workers hung an @RSSorg uniform at the #Election #Commission premises, alleging ideological influence over constitutional institutions @GargiRawat pic.twitter.com/azdoOBaPlR
— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) June 10, 2026
ममता बनर्जी मेरी गुरु, लेकिन सिर कटेगा पर झुकेगा नहीं : बागी सांसद काकोली घोष का दो-टूक
सिर्फ गुजराती-मारवाड़ी ही करें अप्लाई : मुंबई में नौकरी के विज्ञापन पर बवाल, छिड़ी भाषाई बहस
साय कैबिनेट का बड़ा धमाका: पावर ट्रांसमिशन कंपनी लाएगी IPO, किसानों को 15 हजार की मदद
बंटवारा 1947: सनी देओल की फिर दहाड़ेगी स्क्रीन, गदर के बाद अब इतिहास दोहराने की तैयारी
बीजेपी का केवट कार्ड: मध्य प्रदेश से यूपी की 160 सीटों पर साध रही निशाना?
बेन स्टोक्स की नाइटक्लब में गुंडागर्दी : वायरल वीडियो ने फंसाया मुश्किल में, कप्तानी छिनने की तैयारी!
वीरता का भावुक पल: जब शहीद की मां के आंसुओं ने याद दिलाई आजादी की असली कीमत
ऑपरेशन सिंदूर: जब सुखोई की गर्जना से दहला PoK, वीर चक्र से सम्मानित हुए स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक
TMC में बगावत पर भड़के संजय राउत: ऐसे गद्दारों को सड़क पर जूतों से पीटो
हिटमैन की वापसी: रोहित शर्मा के फिटनेस टेस्ट का आया रिजल्ट, क्या अफगानिस्तान सीरीज के लिए हैं तैयार?